स्काई इज द लिमिट
आज दिनांक 18.02.2026, दिन बुधवार को होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर के सभागार में विद्यार्थियों के लिए ‘स्काई इज द लिमिट’ कार्यशाला एवं ‘शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ शिक्षाविद् एवं प्रशिक्षक विजय राज, धीरज बालियान, जितेन्द्र कुमार, अमित शर्मा, आकांक्षा शर्मा एवं प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस कार्यशाला की थीम ‘स्काई इज द लिमिट’ थी, जिसका अर्थ है—विचारों का विस्तार बहुत व्यापक होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान पीढ़ी पूर्व समय की पीढ़ी से लगभग 10 वर्ष आगे है। आज के युग में विद्यार्थियों के पास अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए अनेकों संसाधन उपलब्ध हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को महान वैज्ञानिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा प्रसिद्ध महिला मुक्केबाज मैरी कॉम सहित अनेक महान व्यक्तित्वों और उनके संघर्ष की ज्ञानवर्धक कहानियाँ बताईं, जो विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में समस्याओं से उभरने के लिए प्रेरित करेंगी।
तत्पश्चात् विद्यार्थियों ने फीडबैक में अपने सुझाव दिए, जिसमें कक्षा 8 की छात्रा अनुश्री दहिया ने बताया कि हमें विचारों को बाँधकर नहीं रखना चाहिए और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
विजय राज ने शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बताया कि जिस प्रकार आप विद्यालय के सभी बच्चों का ध्यान रखेंगे, उसी प्रकार अन्य लोग भी आपके बच्चों का ध्यान रखेंगे। उनके अनुसार, जैसा हम करते हैं, उसके फलस्वरूप वैसा ही हमें वापस प्राप्त होता है।
उन्होंने बताया कि शिक्षण एक गंभीर पेशा है। उनके अनुसार, एक शिक्षक को कक्षा में प्रवेश करने से पहले अपने उद्देश्य के विषय में अवश्य सोचना चाहिए, अर्थात् कक्षा में एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ प्रवेश करना चाहिए।
जीवन में कुछ प्राप्त करने के लिए संघर्ष और अनुभव की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि मनुष्य के जीवन में उसके चारों ओर के वातावरण का गहरा प्रभाव पड़ता है; अर्थात् अच्छा व्यक्ति अच्छे व्यक्तित्व को आकर्षित करता है, जबकि बुरा व्यक्ति बुरे व्यक्तित्व को आकर्षित करता है। कोई भी व्यक्ति दूसरे व्यक्ति का आकलन अपने नजरिये के अनुसार करता है।
इस कार्यशाला के माध्यम से उन्होंने कहा कि शिक्षक को अपने शिक्षण कार्य की गरिमा, जिम्मेदारियों तथा अपने पेशे के महत्व को ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए। शिक्षक के जीवन में संतुलन होना अत्यंत आवश्यक है। जीवन में सफल होने के लिए अच्छे व्यक्तित्व और सकारात्मक नजरिये—दोनों की आवश्यकता होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि कक्षा में विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ाने के लिए प्रतिदिन एक गतिविधि अवश्य करानी चाहिए, जिससे उनका ध्यान केन्द्रित किया जा सके। तत्पश्चात् साप्ताहिक फीडबैक लेना भी आवश्यक है, ताकि बच्चों को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
उन्होंने बताया कि एक शिक्षक का नजरिया सदैव सकारात्मक होना चाहिए। कार्यक्रम के अन्त में प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया एवं समस्त स्टाफ द्वारा विजय कुमार राज को प्रतीक-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शुभम कुमार, प्रीतम कुमार मिश्रा, रीना चौहान तथा सचिन कश्यप का विशेष सहयोग रहा।
झलकियाँ

सूचना स्रोत

