पंचायत रा चुनाव

पंचायत रा चुनाव (राजस्थानी हास्य एवं जागरूकता कविता) देखो पंचायता म सरपंच ही सरपंच खड़ा हो रिया छः, मोकला पीसा लगा र, गांव म सबस्यू बड़ा हो रिया छः, जो…
करवा चौथ

करवा चौथ

विशेष त्यौहारी सृजन माथे की बिंदी कुमकुम होठों  की आभा रक्तिम उठती गिरती  हुई पलकें घुंघराली काली लटें अलकें गालों  की सिन्दूरी लाली कानों  के झुमके बाली आँखों में  सजता…
प्रमिला जी के भाव

प्रमिला जी के भाव

चाँद से चंद बातें चाँद से चंद बातें शरद पूनम के चाँद संग मैं देर तक बैठी रही, श्रीकृष्ण के रूप माधुर्य को चाँद से सुनती रही। मैंने चाँद से…
कविता

कविता

जीना इसी का नाम है टूटे ख्वाबों को भी जोड़ लेते हैं थक कर हो चूर फ़िर भी उठ खड़े होते हैं जीना इसी का नाम है खो जाएं अंधेरों…
कविता

कविता

प्रेम है तो आवाज़ उठाओ रामभक्त हो, तो राम मन्दिर की चोरी पर बोलो,                सत्य के पथ पर चलकर, अन्याय के विरुद्ध बोलो।…
कविता जिन्दगी

कविता जिन्दगी

जिन्दगी।। तू कर तन्हा मुझे मैं खुद से बतियाऊँगी तू भर आँखों में उदासी की शाम का धुधँलका मैं होंठों पे मुस्कान का सूरज उगाऊँगी तू लगा पैरों में बदिंशों…

हिंदी के प्रति उद्गार

हिन्दी के प्रति उद्गार जन-जन की भाषा है हिन्दी हर मन की भाषा है हिन्दी मन के भाव प्रकट करने की सबसे सरल भाषा है हिन्दी... राज्य, केन्द्र सरकारी कामकाजी…
कविता

कविता

बदलाव वक़्त बदल रहा है, लोग बदल रहे हैं, क्या पता हम भी बदल जाएँ? क्यों कुछ बदले-बदले से लगते हैं हम, क्या पता ख़ुद से ही नाराज़ हैं हम?…
मैया की छवि

मैया की छवि

मैया की छवि हैं सात सुख दुनिया में घर घर में आय बिराजे मैया की ये चुनरिया, भक्तों के काज साजे है,   छवि इक मनोहर सी प्यारी, मां की…