गीता जी की कलमकारी

गीता जी की कलमकारी

हिन्दी शान है हमारी हिन्दी दिवस (14 सितम्बर) पर विशेष भारत की पहचान है हिन्दी। कवियों का श्रृंगार है हिन्दी। सूफी-संत और रसखान की है हिन्दी। छंद-चौपाई सब लिखे है…
हिंदी हमारी पहचान, हमारा गौरव

हिंदी हमारी पहचान, हमारा गौरव

हिन्दी हमारी पहचान, हमारा गौरव हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारे भावों, संस्कारों और संस्कृति को जोड़ने वाली एक सशक्त कड़ी है। यह वह भाषा है जिसमें माँ की…
पुस्तक लोकार्पण

पुस्तक लोकार्पण

श्रीमद्भागवत महापुराणम् का भव्य लोकार्पण समारोह सम्पन्न वरिष्ठ साहित्यकार कृष्णदत्त शर्मा 'कृष्ण' की साहित्यिक साधना का हुआ सम्मान देहरादून, 11 सितंबर 2026। सनातन धर्म मंदिर, नेहरू कॉलोनी, देहरादून के सभागार…
जागरूकता रैली

जागरूकता रैली

जागरूकता रैली मेंटल हेल्थ एंड काउंसलिंग क्लब द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश लेकर एम.एम.एच. कॉलेज में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर रैली का आयोजन गाजियाबाद, 10 सितम्बर…
स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस

INDEPENDENCE DAY SPECIAL "परी हो तुम गुजरात की, रूप तेरा मद्रासी ! 🌿💕🌿 सुन्दरता कश्मीर की तुम में, सिक्किम जैसा शर्माती !! 🌿💕🌿 खान-पान पंजाबी जैसा, बंगाली जैसी बोली !…
शिक्षक दिवस पर साहित्यिक समर्पण

शिक्षक दिवस पर साहित्यिक समर्पण

शिक्षक दिवस पर साहित्यिक समर्पण कार्यक्रम रिपोर्ट दिनांक: 7 सितंबर 2026 समय: प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक स्थान: महाविद्यालय सभागार, एम.एम.एच. कॉलेज, गाज़ियाबाद आयोजक: साहित्यिक क्लब, एम.एम.एच.…
जज़्बात

जज़्बात

कलम ज़ज्बात लिखती है हम तो कुछ नहीं बताते, कलम ज़ज्बात लिखती है। जो बातें होंठों तक आकर खामोशी में ठहर जाती हैं, वही कागज़ पर उतरकर दिल की बात…

सार्वजनिक रुद्राभिषेक

बड़बिल में सार्वजनिक रुद्राभिषेक इकत्तीस जोड़ों ने की विश्व शांति की प्रार्थना बड़बिल (ओड़िशा)। गुजराती सनातन समाज, बड़बिल-केंदूझर के तत्वावधान में महिला मंडल द्वारा सार्वजनिक रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया…
प्रभु स्मरण

प्रभु स्मरण

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में गूंजा भक्ति, संस्कृति और संस्कार का संदेश........ विद्यार्थियों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा अतिथियों का मन...... होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जड़ौदा, मुजफ्फरनगर के सभागार…
कविता

कविता

मैंने सेवा चुन ली एक संवेदनशील मन की पुकार सब बाज़ार में खड़े हो, माया का मोल लगा रहे थे, कोई सोना चुन रहा था, तो कोई हीरे सजा रहे…