सरदार वल्लभ भाई पटेल

सरदार वल्लभ भाई पटेल

अखंड भारत की एकात्मता के शिल्पी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय एकता दिवस पर विशेष लेख ✍️ संपादक देव चेतना, श्री मोहनलाल वर्मा (मासिक पत्रिका, जयपुर) भारतीय जनमानस आज…
हमको हैरत होती है

हमको हैरत होती है

हम को हैरत होती है! तब जब शब्दकोश की सीमित जानकारी वाला गलत शब्दों का प्रयोग कर ज्ञान अपने दृष्टिकोण से देने का प्रयास करता है। और जीवन में सीख…
श्योराज जी की कलमकारी

श्योराज जी की कलमकारी

।।मुक्तक एक।। सागर देखा प्यासा हमने, मछली देखी प्यासी। मां बाप रुआंसे देखे, प्रीति दूजों से कासी। रुपया देखा खूब यहाँ पर, देखी खूब गरीबी, प्यार देख लिया दुनिया का,…
आत्मकथ्य

आत्मकथ्य

धीर सिंह जी का क्रांतिकारी संदेश निर्धनता व रूढ़ियों को तोड़ 'आर्थिक स्वतंत्रता' की ओर बढ़ो प्रस्तुति गुर्जर प्रगति मंच (Gurjar Pragati Manch) अजमेर में आयोजित जिला स्तरीय गुर्जर प्रतिभा…
जागरूकता मिशन

जागरूकता मिशन

एम.एम.एच. कॉलेज की कार्यशाला ने किया जागरूक आज दिनांक 30 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को रसायन विज्ञान विभाग, एम.एम.एच. कॉलेज, ग़ाज़ियाबाद के ऑडिटोरियम में “सामान्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान”…
वीडियो 📸 विश्लेषण

वीडियो 📸 विश्लेषण

वीडियो लिंक 🔗 https://youtu.be/wqvbXFp1md8?si=9ldK_KIRzZmAlO4- सारांश यह वीडियो भारत के एक महान नेता, सरदार वल्लभभाई पटेल की जीवनगाथा और उनके योगदान पर आधारित है। पटेल ने प्रधानमंत्री बनने का अवसर ठुकरा…
ओपन कराटे चैंपियन

ओपन कराटे चैंपियन

ओपन कराटे चैंपियनशिप का सफल आयोजन दिनांक 27अक्टूबर 2025 को होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज जड़ौदा (मुज़फ्फरनगर) में ओपन कराटे चैंपियनशिप का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें होली चाइल्ड पब्लिक…
उम्मीद का कार्यक्रम

उम्मीद का कार्यक्रम

करियर काउंसलिंग सत्र का सफल आयोजन आज उम्मीद संस्था घिटोरनी (दिल्ली) में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सही करियर दिशा निर्धारण हेतु एक करियर काउंसलिंग सत्र का भव्य आयोजन किया…
प्रतिकूलताएं जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं

प्रतिकूलताएं जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं

"जीवन में प्रतिकूलताएं आना स्वाभाविक है, लेकिन इन प्रतिकूलताओं को अनुकूलता में बदलने की क्षमता हमें सशक्त बनाती है। जब हम प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करते हैं, तो हमारे पास…
कलियुग

कलियुग

ये कलियुग ही तो है  कलियुग ही तो है ये जिसमें इंसान रुलाए जाते हैं जिंदा जानवर मारकर प्लेटों में सजाए जाते हैं।   कलियुग ही तो है ये जिसमें…