भूमिका
आज होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, जड़ौदा, मुजफ्फरनगर के सभागार में नेहरू युवा केन्द्र मुजफ्फरनगर के सौजन्य से पराक्रम दिवस के अवसर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के समापन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों समेत विद्यालय के बालकों ने भी रूचिपूर्वक प्रतिभाग किया।
विवरण
आज दिनांक 23 जनवरी, 2025, दिन बृहस्पतिवार को होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर के सभागार में नेहरू युवा केन्द्र मुजफ्फरनगर के सौजन्य से पराक्रम दिवस एवं सडक सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के समापन के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका शुभारम्भ कार्यक्रम अतिथि जिला पंचायत सदस्य सचिन करानिया, जिला युवा अधिकारी प्रतिभा शर्मा, जिला यातायात प्रभारी इन्द्रजीत सिंह तथा प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया द्वारा नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर किया गया।
सचिन करानिया ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि
“नेताजी सुभाषचन्द्र बोस एक महान राष्ट्रवादी, राजनेता, विचारक और सेनानी थे, उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ब्रिटिश सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ी। साथ ही साथ उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने की भी सलाह दी।”
प्रतिभा शर्मा ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी की जयन्ती पर नमन करते हुए बताया कि
हमें स्वयं एवं अपनी आवाज में आत्मविश्वास लाना चाहिए, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने आजाद हिन्द फौज की स्थापना की और इसका नेतृत्व किया, जिसने भारत की स्वतंत्रता के लिए लडाई लडी, उन्होंनें ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा’ जैसे प्रसिद्ध नारे दिये, जो भारतियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनें।
जिला यातायात प्रभारी इन्द्रजीत सिंह ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों की शपथ दिलाई और साथ ही साथ स्वयं भी यातायात
नियमों का पालन करने एवं अपने परिवार को भी यातायात नियमों का पालन कराने के लिए वचनबद्ध कराया और नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया भारतीय स्वतंत्रता का बहाल करने में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के प्रयासों का सम्मान करने के लिए सरकार ने 2021 में घोषणा की कि 23 जनवरी को पराक्रम के दिवस के रूप में मनाया जायेगा। नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने हमारे त्याग व बलिदान दिया उन्हें याद करते हुए हम उन्हें नमन करते है।
कार्यक्रम में सड़क जागरूकता प्रहरी के रूप में 25 विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।