” ‘नींव’ संस्था द्वारा परतापुर के गाँवों में जरूरतमंद बच्चों के मध्य अध्ययन सामग्री का वितरण।”
तिथि: 27 फरवरी 2025
परतापुर, मेरठ: ‘नींव’ संस्था, जो आईआईटी के पुरातन विद्यार्थियों द्वारा संचालित एक सामाजिक संगठन है, हमेशा से ही शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव प्रयोग और सामाजिक भलाई के लिए काम करती आ रही है। इसी कड़ी में, आज ‘नींव’ संस्था के वालंटियर और समाजसेवी मिस नंदनी के जन्मदिन के अवसर पर परतापुर स्थित डॉ सशिप्रभा मेमोरियल स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ‘नींव’ कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के साथ-साथ आस-पास के गांवों के बच्चों को भी अध्ययन सामग्री वितरित की गई।
इस कार्यक्रम में छज्जुयर, डिमोरली, सोरखा, अंजोली जैसे गांवों के बच्चों को आवश्यक अध्ययन सामग्री दी गई, जिसमें ज्योमेट्री बॉक्स, कॉपी, पेन, पेंसिल, रबर, स्केच पेन, यस्तके, और चॉकलेट शामिल थे। इस अवसर पर ‘नींव’ के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. उपदेश वर्मा ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि
“पढ़ाई ही एक ऐसा माध्यम है, जो हमारे जीवन को आगे बढ़ाता है और हमें महान बनाता है। जितने भी महापुरुष हुए हैं, उनमें एक कॉमन बात ये थी कि उन्होंने बहुत सारी किताबें पढ़ी थीं।”
मुख्य अतिथि प्रो. जयमाला विश्नोई, डीन विज्ञान संकाय, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ ने बच्चों को अच्छे व्यवसाय चुनने और अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्राचार्य कुंवरपाल सिंह और दुर्गेश जी ने किया।
इस अवसर पर ‘नींव’ संस्था के अध्यक्ष हरिदत्त वर्मा, प्रशांत जी, प्रो. जयमाला जी, नंदिनी जी, उनकी बहन और कई ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित ग्रामीणों ने ‘नींव’ संस्था का धन्यवाद किया और उनके द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आभार व्यक्त किया।
‘नींव’ संस्था, जो झुग्गियों और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का प्रचार-प्रसार कर रही है, इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का निरंतर प्रयास कर रही है। संस्था मेरठ के कई गांवों और झुग्गियों में गरीब और बेसहारा परिवारों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए हर दिन शाम को कक्षाएं संचालित करती है।
सम्पर्क सूत्र एवम् सूचना प्रदाता
डॉ. उपदेश वर्मा
राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर
नींव संस्था
फोन: 7599182718
यह प्रेस विज्ञप्ति ‘नींव’ संस्था के द्वारा किए गए समाज सेवा और शिक्षा में योगदान की सराहना और प्रेरणा को उजागर करती है, ताकि और अधिक लोग शिक्षा के महत्व को समझे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित हों।
चित्रदीर्घा