‘विश्व गौरैया दिवस 2025’ के अवसर पर ‘गौरैया संरक्षण – एक पहल’ अभियान के अंतर्गत राजस्थान राज्य के टोंक जनपद (जिले) में एक विशेष कविता लेखन तथा चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य गौरैया जैसी लुप्तप्राय होती जा रही सुंदर और उपयोगी चिड़िया के प्रति लोगों में जागरूकता उत्पन्न करना और उसके संरक्षण के लिए प्रेरित करना था।
इस कार्यक्रम में दो वर्गों – जूनियर वर्ग (विद्यालय स्तर के छात्र-छात्राएं) और सीनियर वर्ग (महाविद्यालय स्तर के युवा एवं अन्य इच्छुक प्रतिभागी) के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों को गौरैया की विशेषताओं, पर्यावरण में उसकी भूमिका, और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर आधारित रचनात्मक और प्रेरणादायक कविताएँ लिखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस पहल के माध्यम से समाज में गौरैया के महत्व को रेखांकित करने, उसके घटते अस्तित्व पर चिंता व्यक्त करने और उसे बचाने हेतु सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। प्रतियोगिता में चयनित श्रेष्ठ कविताओं को सम्मानित कर जन-जागरूकता अभियान को और भी सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया।
कविता लेखन प्रतियोगिता
अब इसका परिणाम जारी किया गया जो इस प्रकार रहा –
जूनियर वर्ग (कुल प्रविष्टियाँ 33)
शीर्ष स्थान
प्रथम स्थान- गुड्डी गुर्जर – रा.उ.मा.वि.- खरेडा़ (टोंक)
गोरैया पर कविता
मैं हूँ जिसे तुम ढूंढ रहे
हो रही हूँ मैं विलुप्त
हो गए गुम साथी मेरे
मैं हूँ (गौरंगा) चिड़िया
भोजन नहीं है कम
करो उसे ग्रहण तुम
ना बनाओ शिकार मुझे
आसमां में उड़ने दो
जीना है मुझे भी
देखनी है रंगीन दुनिया
मुझे भी आंखों से
मत मारो, मत मारो
सभी रहते आनन्द में
मुझे डर अपने प्राणों का
कोई तो बचाओ मुझे
कोई तो बचा लो मुझे
हे दानदाताओ!
प्रयास से करो मेरी रक्षा
ऐसे कि मैं जिंदा रहूँ
दया करो, दया करो
क्या बताओगे!
आगामी पीढ़ी को कि
कौन थी गौरैया
मनमोहक पंखों वाली
क्या मैं कविताओं में ही
जिंदा रहूंगी हकीकत में नही!
सुनो! सुनो! सभी सुनो!
मुझे बचाने का प्रयास करो!
मैं तो आपके ही सहारे हूँ
मुझ गौरैया को बचा लो
मैं विलुप्त होती जा रही हूँ
मुझे झूलना है डालियों पर
उड़ना है सतरंगी गगन में
बिंदास लोटना है मिट्टी में
और! पानी में खेलना है।
छतों पर दाना चुगना है
संग्रहीत पानी को पीना है
ये अपने सपने हैं मेरे
इन्हें तुम मत उजाड़ो, मत उजाड़ो!
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खरेड़ा (टोंक) से गुड्डी गुर्जर द्वारा रचित।
कक्षा-बारह
द्वितीय स्थान- अक्ष शर्मा- करौली
तृतीय स्थान-रोली बलसोरा, श्री दिगम्बर जैन सन्मति सागर उच्च माध्यमिक विद्यालय – टोडारायसिंह (टोंक)
सान्त्वना पुरस्कार
कन्नू कंवर- पीएम श्री रा.उ.मा.वि. – दूनी (टोंक), रौनक चौधरी- टोंक, मोनू कुमारी जाट – रा.उ.मा.वि.- सांखना (टोंक), सरिता गुर्जर- रा.उ.मा.वि. खरेडा़ (टोंक), चीना गुर्जर- रा.उ.मा.वि.- सांखना (टोंक), रेशमा मीणा- पीएम श्री रा.उ.मा.वि.- दूनी (टोंक) और राजू बैरवा- टोंक।
सीनियर वर्ग (कुल प्रविष्टियाँ 41)
प्रथम स्थान- श्री मती नीलम राज पुरोहित- खेडा़पा (जोधपुर)
द्वितीय स्थान- भंवर सिंह, केकडी़ (अजमेर)
द्वितीय स्थान- डा. नीना छिब्बर- जोधपुर
तृतीय स्थान- डा. छाया शर्मा- अजमेर
सीनियर वर्ग में सभी सुधिजन ने अच्छी कविताएँ भेजी हैं। सभी बाल लेखकों, साहित्यकारों एवं निर्णायकगणों का बहुत-बहुत आभार एवं साधुवाद।
चित्रकला प्रतियोगिता
विश्व गौरैया दिवस 2025 पर गौरैया संरक्षण, एक पहल अभियान अन्तर्गत जूनियर एवं सीनियर वर्ग में चित्रकला प्रतियोगिता का परिणाम जारी किया गया, जो निम्नलिखित हैं।
जूनियर वर्ग
प्रथम स्थान- कल्पना चौपडा, राजीव गाँधी शिक्षा संस्थान- टोडारायसिंह जिला टोंक
द्वितीय स्थान- सिद्धार्थ कुमावत, श्री दिगम्बर जैन सन्मति सागर उ.मा.वि. – टोडारायसिंह जिला टोंक
द्वितीय स्थान- रोहित माली,महात्मा गाँधी उ.मा.वि.- कादेडा जिला अजमेर
तृतीय स्थान- रचना प्रजापति, पीएम श्री रा.उ.मा.वि.- दूनी जिला टोंक
सान्त्वना पुरस्कार
ललित नायक, पीएम श्री रा.उ.मा.वि.- दूनी टोंक; अमृता कीर, महात्मा गाँधी रा.उ.मा.वि.- कादेडा जिला अजमेर; नैतिक बैरवा, रा.उ.मा.वि.- खजूरिया जिला टोंक; रोली बलसोरा, श्री दिगम्बर जैन सन्मति सागर उ.मा.वि.- टोडारायसिंह जिला टोंक; रिद्धि जैन, महात्मा गाँधी रा.उ.मा.वि.- कादेडा जिला अजमेर; प्रिया वर्मा, स्वप्न लोक संस्थान- सांगानेर।
सीनियर वर्ग
प्रथम स्थान- श्रीमती नूपुर शांडिल्य, नवी मुंबई
द्वितीय स्थान- श्री संदीप कुमार जैन- ककोड़ ( टोंक)
तृतीय स्थान- श्रीमती पूजा अग्रवाल- जोधपुर
संयोजक
श्री दादू पर्यावरण संस्थान
रानीपुरा ( टोंक)
साहित्य मंच- टोडारायसिंह
जिला- टोंक
9252815751