नज़ीर

नज़ीर

आत्मकथ्य

श्री शिवराज जी की कलम से

किसी विद्यालय की एक बालिका जब अपनी मेहनत, प्रतिभा और आत्मविश्वास के बल पर पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करती है, तो वह उपलब्धि केवल उसकी नहीं रह जाती—वह पूरे विद्यालय, पूरे गांव और पूरे समाज की साझा सफलता बन जाती है। यह तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब उसके स्कूल के प्रधानाचार्य श्री दामोदर वर्मा एवं शाला परिवार के शिक्षक गणों ने भरपूर प्रयास से बालिका मीनाक्षी को आगे बढ़ाया हो।
महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, देवली (जिला टोंक) की छात्रा मीनाक्षी मोरलिया, पुत्री श्री रमेश चंद मोरलिया ने ग्रीन ग्रोथ स्किल अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया है कि संसाधनों की सीमाएँ प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकतीं।

₹11,000 (या घोषित पुरस्कार राशि) का पुरस्कार मीनाक्षी की कला-साधना का सम्मान है, पर उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण यह है कि वह आज राज्य स्तर पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर में जिले का प्रतिनिधित्व करने गई है। यह क्षण मेरे लिए विशेष भावुकता का है, क्योंकि यही वह बालिका है जिसका सम्मान 15 अगस्त 2025 को मेरे प्रयासों से साहित्य मंच के माध्यम से उपखंड अधिकारी, देवली रूबी अंसार द्वारा किया गया था। तब जिस बीज को सम्मान के रूप में सींचा गया, आज वह आत्मविश्वास और उपलब्धि का वृक्ष बनकर खड़ा है।

मैं इस सफलता के लिए मीनाक्षी को हृदय से बधाई देता हूँ। साथ ही उसके माता-पिता, विद्यालय के समस्त शिक्षकगण और स्टाफ साथियों को भी साधुवाद, जिनके मार्गदर्शन और विश्वास ने इस उपलब्धि को संभव बनाया। यह सफलता हमें यह स्मरण कराती है कि यदि बालिकाओं को अवसर, प्रोत्साहन और सम्मान मिले, तो वे न केवल अपने सपनों को साकार करती हैं, बल्कि समाज की सोच को भी नई दिशा देती हैं।

मीनाक्षी की यह जीत भविष्य की अनेक संभावनाओं का संकेत है। मेरा विश्वास है कि वह आगे भी अपने परिश्रम और प्रतिभा से प्रदेश और राष्ट्र का नाम रोशन करेगी।
यह उपलब्धि प्रेरणा है—आज की बालिका, कल का उज्ज्वल भविष्य।

झलकियाँ

छात्रा मीनाक्षी मोरलिया

प्रधानाचार्य श्री दामोदर वर्मा

पुरस्कृत किए जाने का स्थान

सूचना स्रोत

श्री शिवराज जी कुर्मी

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति

कल्पनाकार है शब्दशिल्प
चैट जीपीटी (नवाचार सहायक)
प्रस्तुतकर्ता