सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन

सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन

भूमिका

सुलेख प्रतियोगिता का उद्देश्य सुलेख को बढ़ावा देना, युवाओं और बच्चों में रचनात्मकता और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करना था।  यह प्रतियोगिता केवल हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की गई। इसमें निर्धारित समय में कार्य पूरा करने की अनिवार्यता थी जिसमें केवल पेन या पेंसिल का उपयोग किया जाना था। किसी भी किस्म के डिजिटल माध्यम का उपयोग स्वीकार्य नहीं था।

विवरण

उलझन सुलझन जागरूकता पत्र,  मेरठ (उत्तर  प्रदेश) के तत्वावधान में साहित्य मंच- टोडारायसिंह के संयोजकत्व में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय टोडारायसिंह में एक सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

संबोधन

इस अवसर पर मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने बालकों को उत्साहित करते हुए बताया कि

“इस प्रकार की प्रतियोगिताओं बालकों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। साथ ही अक्षरों की बनावट संवरती है और लिखने की गति बढ़ती है समय-समय पर यह विद्यालय इस प्रकार के आयोजन करवाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाता है। साथ ही उस पत्र का भी आभार जिसने इस प्रतियोगिता का आयोजन कराने की सलाह दी।”

अर्हता

यह प्रतियोगिता कक्षा छह से आठ तक के छात्र छात्राओं के लिए आयोजित की गई और हमारा मानना है कि बच्चों में सुन्दर लेखन क्षमता का विकास करने में और लेखन को लेकर प्रतिस्पर्धी माहौल बनाने में यह निश्चय ही सहायक होगी। हमको यह नहीं भूलना चाहिए कि बार-बार लिखने से अक्षरों की बनावट में सुधार होता है।

प्रतिभागियों का सहभाग

प्रेरक

इस प्रतियोगिता में किस्तुर चन्द माली, महेश चन्द दाधीच , रामनारायण जाट, किरण पाटीदार आदि का सहयोग रहा।

प्रतिभागी बालकों की उत्कृष्ट प्रविष्टियां

प्रशंसा प्रमाणपत्र

सूचना स्रोत

शिवराज जी कुर्मी

प्रस्तुति