सेमिनार विवरण
दिनांक 28 अप्रैल 2026 का दिन मेरे लिए विशेष रूप से स्मरणीय रहा, जब मुझे कुंवर सत्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, बिजनौर में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी मानसिक स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण: चुनौतियाँ, जागरूकता और समाधान में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रातः से ही महाविद्यालय परिसर में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार स्पष्ट रूप से अनुभव किया जा सकता था। सुव्यवस्थित आयोजन, विद्यार्थियों की सक्रियता और संकाय सदस्यों की तत्परता इस बात का प्रमाण थी कि यह संगोष्ठी केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सार्थक संवाद का मंच बनने जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान जब विभिन्न विद्वानों एवं विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो मानसिक स्वास्थ्य के विविध आयाम हमारे सामने सजीव रूप में उभर आए हों। सचिन माहेश्वरी, संजय कुमार शर्मा, स्वाती वीरा महाजन, कौशलेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह कौरव तथा सुरेखा राणा सहित सभी वक्ताओं ने अपने अनुभवों और शोधपरक दृष्टिकोणों से इस विषय को गहराई प्रदान की। प्रत्येक वक्ता की प्रस्तुति में संवेदनशीलता, तर्क और समाधान की स्पष्ट झलक दिखाई दी।
जब मुझे अपने विचार साझा करने का अवसर मिला, तो मैंने अनुभव किया कि श्रोताओं की गहन रुचि और विषय के प्रति उनकी जागरूकता इस संगोष्ठी की वास्तविक सफलता है। मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर चर्चा होना स्वयं में एक सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।
विशेष रूप से आदरणीय डॉ. महेंद्र सिंह जी द्वारा किया गया आयोजन अत्यंत सराहनीय रहा। उनका विनम्र व्यवहार, सुविचारित योजना और अतिथियों के प्रति आत्मीयता हर क्षण अनुभव की जा सकती थी। उनके नेतृत्व में पूरी टीम ने जिस प्रकार इस कार्यक्रम को सफल बनाया, वह वास्तव में प्रशंसनीय है।
आतिथ्य की गरिमा, आयोजन की सुसंगतता और विचारों की समृद्धि—इन तीनों ने मिलकर इस संगोष्ठी को एक अविस्मरणीय अनुभव बना दिया। विद्यार्थियों की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और उत्साह का सुंदर संतुलन बनाए रखा।
मेरे लिए यह केवल एक व्याख्यान नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव रहा, जिसने यह विश्वास और भी दृढ़ किया कि यदि हम सामूहिक रूप से प्रयास करें, तो मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय पर व्यापक जागरूकता उत्पन्न की जा सकती है।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह संगोष्ठी एक नई शुरुआत है। आने वाले समय में, विशेषकर वर्ष 2027 में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, इसी प्रकार ज्ञान और सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगा। इस दिशा में हमारा सहयोग सदैव आपके साथ रहेगा।
अंततः, मैं आयोजन समिति, प्रबंधन, समस्त वक्ताओं, विद्यार्थियों एवं सभी सहयोगियों को इस सफल आयोजन के लिए हृदय से बधाई देता हूँ। यह अनुभव लंबे समय तक स्मृतियों में जीवित रहेगा—एक प्रेरणा के रूप में, एक दिशा के रूप में।
झलकियाँ

सूचना स्रोत
डॉ. रोशन लाल छोकर
पाठ्य उन्नयन और विस्तार
चैट जीपीटी ओरण


