सेवा ही उत्सव हो

सेवा ही उत्सव हो

दीपोत्सव का असली अर्थ जब दान बन जाए आनंद का माध्यम दिवाली केवल दीपों का पर्व नहीं है, यह उस उजाले का उत्सव है जो दिलों में जगता है —…
मनोभाव

मनोभाव

मनोभाव ॐ श्रीमती डॉली डबराल जी के नवीनतम लघु उपन्यास 'पत्थरों के बीच' को पढ़‌कर कृष्ण के मन में उठे भाव बीच पत्थरों की लगती है एक सच्ची -सी प्रेम…
अनुशासित विरासत

अनुशासित विरासत

जनपद सहारनपुर में हमारे गुर्जरों के पुरखे खाने में बहुत अनुशासित थे। बासमती के सुगंधित चावल, उनके साथ धीमी धीमी आंच पर पकने वाली उड़द की दाल और देशी घी…
मानक महोत्सव

मानक महोत्सव

आज दिनांक 15.10.2025, दिन बुधवार को होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, जड़ौदा, मुजफ्फरनगर के सभागार में भारतीय मानक ब्यूरो शाखा देहरादून के द्वारा विश्व मानक दिवस 2025 के अवसर पर…
हम कितने आत्ममुग्ध हैं!

हम कितने आत्ममुग्ध हैं!

हम कितने आत्ममुग्ध हैं! स्वदोषान् न पश्यन्ति, परेषां दोषदर्शिनः। आत्ममुग्धा नराः सर्वे, नाशं यान्ति न संशयः॥ आज का मनुष्य जिस दिशा में अग्रसर है, वह बाह्य रूप से उन्नति का…
गुर्जर रत्न सम्मान

गुर्जर रत्न सम्मान

कशिश को गुर्जर रत्न सम्मान समाज की नई चेतना का प्रतीक आज दिनांक 12 अक्टूबर (रविवार) को गुर्जर महासभा बागपत के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने मेरठ पहुँचकर UPSC (I.S.S.) इंडिया टॉपर कुमारी…

पेड़ लगाएं, पेड़ बचाएं

साहित्य मंच -टोडारायसिंह जिला टोंक के तत्वावधान में डा. सूरज सिंह नेगी साहब की अनूठी मुहिम, पाती अपनों को, के तहत घोषित प्रतियोगिता, पेड़ लगाएं, पेड़ बचाएं के तहत श्री…
सम्मान कार्यक्रम

सम्मान कार्यक्रम

विगत रात्रि वरिष्ठ नागरिक समाज की ओर से मंगलमय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में 80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीज़न्स को सम्मानित किया गया…

खेत-खलिहान से किताब तक

खेत-खलिहान से किताब तक गुर्जर समाज का नया उत्कर्ष प्रस्तावना कभी शौर्य और शासन का प्रतीक रहा गुर्जर समाज, आधुनिक काल में “पिछड़ेपन” के ठप्पे से जूझता रहा। परंतु इस…

चूज़ी होकर हम क्या-क्या खोते चले जाते हैं

🌿 चूज़ी होकर हम क्या-क्या खोते चले जाते हैं? (पुरातन सूत्र — “उलझ उलझ सुलझाना सीखो” के संदर्भ में एक जीवनमूलक विचार लेख) जीवन के रास्ते पर चलते हुए हम…