काश! खुद को देख पाते पुस्तक का विमोचन "व्यक्ति के जीवन में पुस्तकें उसकी सर्वश्रेष्ठ दोस्त हैं!" डॉ हरिओम पंवार. मेरठ, 18 मई 2025 कहते हैं कि "पुस्तकें व्यक्ति की…
परीक्षा परिणाम पर चली थी जब 2025 का सी.बी.एस.सी.का परिणाम आया, किसी की झोली में खुशियाँ, तो किसी को रुलाया। जिन्होंने परिश्रम और समय का सदुपयोग किया था, उनका उत्तम…
भूमिका यह प्रसंग मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक जिम्मेदारियों और नैतिक साहस का जीवंत उदाहरण है। जब समाज में नकारात्मकता के परिणामस्वरूप परोपकार और मदद जैसे सहज भाव भी संदेह की दृष्टि…
वृतांत एक सारस्वत यात्रा 'मंदाकिनी मिहिका' से पर्यावरण की ओर आज का दिन साहित्यिक जीवन की एक अविस्मरणीय उपलब्धि के रूप में अंकित हो गया — जब मेरी दोहा सतसई…
सम्मानित मित्रो! कल दिनांक 18.5.25 को एपीजे अब्दुल कलाम प्रेक्षागृह, शारदा विश्वविद्यालय में वरिष्ठ नागरिक समाज के वरिष्ठ सदस्य श्री डीसी तायल, भौतिकविद,पूर्व प्राचार्य एन आर ई सी डिग्री कालेज…