भावाभिभूत कर देने वाला विद्यालयी परिवेश

भावाभिभूत कर देने वाला विद्यालयी परिवेश

भूमिका

कुछ रचनाकारों अर्थात् क्रिएटर्स की अचानक मुलाक़ात एक संयोग भर नहीं होती, बल्कि यह नए विचारों, संभावनाओं और सृजनात्मक ऊर्जा के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण क्षण होता है। जब विचारशील मन एक साथ बैठते हैं, तो शब्दों की एक नई दुनिया आकार लेने लगती है। यह मिलन न केवल नए दृष्टिकोण और अनुभवों को साझा करने का अवसर देता है, बल्कि एक दूसरे की रचनात्मकता को भी प्रेरित करता है।

रचनात्मकता और हिंदी जैसी भावप्रधान भाषा, जब एक साथ मिलते हैं, तो वे विचारों को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें एक नई उड़ान देते हैं। यही तो साहित्य और सृजन का वास्तविक सौंदर्य है!

भ्रमण विवरण

महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय- कादेडा ब्लॉक केकडी जिला अजमेर में विगत तीन वर्षों के दौरान श्री किशन कुमार मीणा, प्रधानाचार्य, श्री प्रकाश आचार्य एवं शाला परिवार के शिक्षकगणों के नवाचार से विद्यालय का हुआ कायाकल्प। प्राकृतिक छटा से खूबसूरत, मनमोहक, साफ – सुधरा विद्यालय मुझे देखने को मिला| संस्था प्रधान महोदय एवं शारीरिक शिक्षक महोदय से भौतिक संसाधन विकसित करने को लेकर संवाद स्थापित किया। जिस विद्यालय के चारों कोने साफ – सुथरे हों तो वह विद्यालय आदर्श विद्यालय माना जाता है। डा. सूरज सिंह नेगी साहब की प्रेरणा का असर यहाँ भरपूर मात्रा में देखने को मिला। डा. नेगी साहब की मुहिम, आओ पेड़ गोद ले, के तहत शाला परिवार, भामाशाह एवं विद्यार्थियों के सहयोग से अनेक पौधे लगाये गये जो आज वृक्ष रूप में नजर आ रहे हैं। विद्यालय में माँ शारदा का खूबसूरत आकर्षक मन्दिर, स्वच्छ पेयजल, आदमकद स्वामी विवेकानंद की मूर्ति, खूबसूरत गार्डन, रंगरोगन युक्त शाला भवन आदि देखने को मिले| छात्र छात्राओं का अनुशासन, आत्मविश्वास देखने को मिला। बच्चों के पत्र, पुस्तक से पत्र वाचन करवाया गया। पूरे आत्मविश्वास के साथ बच्चे ने पत्र वाचन किया। चित्रकारी में भी यहाँ के विद्यार्थी आगे हैं। कहा भी गया है कि मेहनत रंग लाती है। आज यह विद्यालय पीईईओ के अन्तर्गत सर्वश्रेष्ठ विद्यालय की गिनती में आता है। शाला परिवार के सभी शिक्षकों के अथक प्रयास से यह लक्ष्य सिद्ध हो सका।

सूचना स्रोत

श्री शिवराज जी कुर्मी

प्रस्तुति