पुस्तक लोकार्पण

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पुस्तक ‘नारी ना हारी’ का भव्य विमोचन

अहमदाबाद, गुजरात साहित्य अकादमी के सभागार में अहमदाबाद लिटरेरी सोसाइटी के बैनर तले एक गरिमामयी साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात लेखक और पत्रकार पद्मश्री विष्णु पंड्या जी द्वारा जानी-मानी कवयित्री पूनम जैन अग्रवाल ‘चाँदनी’ की नवीनतम काव्य कृति नारी ना हारी का भव्य विमोचन संपन्न हुआ।
​इस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. प्रणव भारती, डॉ. ऋषिपाल धीमान ‘ ऋषि’ और डॉ. देवेंद्र आचार्य जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन अहमदाबाद लिटरेरी सोसाइटी की फाउंडर श्रीमती श्रद्धा आहूजा रमानी द्वारा किया गया।

विमोचन के दौरान वक्ताओं ने बताया कि नारी ना हारी पुस्तक केवल मात्र कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि स्त्री सशक्तिकरण का एक सशक्त दस्तावेज़ है। यह पुस्तक आधुनिक और पारंपरिक नारी के उस स्वरूप को दर्शाती है जो हर परिस्थिति में अडिग रहती है। कवयित्री पूनम जैन अग्रवाल ‘चाँदनी’ ने अपनी कविताओं के माध्यम से नारी के आत्मसम्मान, उसकी अदम्य शक्ति और कभी न हार मानने वाले संकल्प को स्वर दिया है।”
​मुख्य अतिथि विष्णु पंड्या जी ने कहा कि नारी ना हारी की एक-एक पंक्ति नारी चेतना को जगाने वाली है और यह पुस्तक हर उस व्यक्ति को पढ़नी चाहिए जो स्त्री के संघर्ष और उसकी विजय यात्रा को समझना चाहता है।”

कार्यक्रम केअंत में, उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने कवयित्री को इस सफल कृति के लिए हार्दिक बधाई दी।

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कल्पनाकार शब्दशिल्प और उलझन सुलझन की प्रस्तुति