आत्मकथ्य

आत्मकथ्य – अशोक गुर्जर जब-जब हमारे समाज का कोई युवा अपने परिश्रम, लगन और प्रतिभा से नई ऊँचाइयाँ छूता है, तब-तब यह हृदय गर्व से भर जाता है। आज मैं…

एक अभियान

पाती अपनों को मुहिम के तहत अखिल भारतीय पाती लेखन प्रतियोगिता की घोषणा करते हुए हमको हर्ष की अनुभूति हो रही है। इस बार का विषय है एक पाती मेरे…

जयपुर का सम्मान समारोह

स्वामी विवेकानंद बालिका शिक्षा प्रचार समिति जयपुर में शिक्षक-सम्मान समारोह डॉ. नाज़ परवीन सहित 56 शिक्षकों को नवाचार और उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया जयपुर, 6 सितंबर 2025। स्वामी…
शब्दों का साधक

शब्दों का साधक

शब्दों का साधक अनिरुद्ध बाहर से एक साधारण युवक था—नौकरी, दोस्त और हँसी-मज़ाक से भरा जीवन। लेकिन भीतर उसका मन एक अलग ही दुनिया में जीता था। रात के सन्नाटे…
उषा जी की रचना

उषा जी की रचना

कविता छोडा़ हमने राम को कितना - जीतने की चाह में, जीवन की राह में, आगे बढ़ गए हम इतना, छोडा़ हमने राम को कितना, जीवन में अब आराम कहाँ…

समाज और राजनीति में जातीय चिंतन

समाज और राजनीति में जातीय चिंतन आवश्यक विभाजन भारतीय समाज में जाति एक संवेदनशील और स्थायी मुद्दा रही है। समाज की संरचना, रिश्तों की बुनावट और सामाजिक न्याय की बहसों…

वीडियो सारांश

वीडियो लिंक 🔗 https://youtube.com/shorts/jVmoHR00IKI?si=aqZ6qdKFcL5FAiyf सारांश इस वीडियो में शोभा कंवर एक रचनात्मक DIY प्रोजेक्ट प्रस्तुत करती हैं, जो बच्चों के लिए अवॉर्ड बैज बनाने पर केंद्रित है। ये बैज विशेष…

हे कलम लिख!

💥💐कलम💐💥 हे कलम इतना लिख, लिख-लिख, इतना लिख, मन में आए भाव लिख, विचार लिख, सत्कार लिख, सत्य लिख, न्याय लिख, हे कलम इतना लिख!   प्रेम लिख, सदव्यवहार लिख,…

संदेश साझा करें लेकिन समझकर ही

संदेशों को स्पष्टता देने की कवायद निम्न संदेश को देखिए सुंदर डिजाइन और प्रस्तुति लेकिन शब्दों का असंगत प्रयोग क्या समझने की जरूरत है?   "जिन लोगों को हर चीज…
घड़लो म्हारा माखन को (राजस्थानी भाव)

घड़लो म्हारा माखन को (राजस्थानी भाव)

🌺घड़लो म्हारा माखन को🌺 (राग धमाल) मत फोडे़ रै कानूडा़ घड़लो,म्हारा माखन को। मत फोड़े रै-२ (टेर) सासू जी लड़े रै म्हारी,जैठाणी भी लडे़ रै-२ अरै दौराणी का ताना सुण-सुण,कान…