भूमिका
यह सूचना केवल एक नियुक्ति की औपचारिक घोषणा नहीं है, बल्कि उस साधना, निष्ठा और सेवा-भाव का सार्वजनिक सम्मान है, जो वर्षों के निरंतर चिंतन और सामाजिक योगदान से अर्जित होता है। जब किसी कर्मयोगी को राष्ट्रीय स्तर पर दायित्व सौंपा जाता है, तो उससे न केवल संस्था की गरिमा बढ़ती है, बल्कि समाज को विचार, संवाद और चेतना की नई दिशा भी मिलती है। यही भाव इस संदेश का मूल है।
अभिनंदन एवं नियुक्ति सूचना
प्रिय दीपक भाई,

हमें यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि थियोसोफिकल सोसायटी की कार्यकारिणी समिति ने आपको वर्ष 2026 के लिए ‘राष्ट्रीय वक्ता’ (National Lecturer) के रूप में चयनित किया है। समिति के समक्ष आपका परिचय प्रस्तुत किया गया, और सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से आपके चयन का स्वागत किया। यह नियुक्ति आपके स्वयं के पुरुषार्थ, अध्ययन और समर्पण का परिणाम है। इसके लिए हार्दिक बधाई।
हमें पूर्ण विश्वास है कि इस निर्णय से थियोसोफिकल सोसायटी के भारतीय सेक्शन को व्यापक लाभ मिलेगा। आप तत्काल व्याख्यान कार्य आरंभ कर सकते हैं। राज्य से बाहर की यात्राओं के लिए आपको द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित (2nd AC) रेल किराया अथवा उसके समतुल्य भुगतान किया जाएगा। आपके आवास एवं भोजन की व्यवस्था संबंधित आयोजनकर्ता द्वारा की जाएगी।
भ्रातृभाव सहित शुभकामनाएँ,
प्रदीप गोहिल
संस्थागत घोषणा एवं सामाजिक संदर्भ
थियोसोफिकल सोसायटी के भारतीय सेक्शन, वाराणसी तथा मुख्यालय अड्यार (चेन्नई) के कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा उपर्युक्त सूचना के माध्यम से, गुजरात फेडरेशन, भावनगर के अंतर्गत लगभग 70 वर्षों से सक्रिय हरजीवन आश्रम, थियोसोफिकल सोसायटी, कडोली के सदस्य श्री दीपक भाई पंड्या को वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय वक्ता नियुक्त किया गया है।
हरजीवन आश्रम, कडोली के समस्त सदस्य इस नियुक्ति का हर्षपूर्वक स्वागत करते हैं और वाराणसी एवं अड्यार के सभी सम्माननीय पदाधिकारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।
गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर तहसील में, साबरमती नदी के तट पर स्थित कडोली एक छोटा किंतु सांस्कृतिक रूप से समृद्ध गाँव है। गुजरात थियोसोफिकल सोसायटी के विशिष्ट राष्ट्रीय कार्यकर्ता, दिवंगत पूज्य हरजीवन कालिदास मेहता की प्रेरणा और पावन स्मृति में, लगभग सात दशक पूर्व हरजीवन आश्रम की स्थापना की गई थी। यह लॉज आज पूर्णतः कंप्यूटरीकृत, आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित और सक्रिय है।
वर्तमान में आश्रम के अध्यक्ष श्री कांतिभाई के. पटेल, उपाध्यक्षगण श्री शंकरभाई पटेल, श्री विजयभाई पंड्या एवं श्री नरेंद्र बी. पटेल हैं। सचिव श्री नरेंद्र डी. पटेल, सह-सचिव सुश्री नयना पंड्या तथा लेखा परीक्षक सुश्री कैलासबा राठौड़ (हरजीवन महिला गृह उद्योग की अध्यक्ष) अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
श्री दीपक भाई पंड्या इस लॉज के सक्रिय सदस्य एवं समर्पित कार्यकर्ता हैं। उनके सतत प्रयासों से आज लॉज की सदस्य संख्या 200 से अधिक हो चुकी है। उनकी राष्ट्रीय वक्ता के रूप में नियुक्ति न केवल हरजीवन आश्रम, बल्कि संपूर्ण गुजरात थियोसोफिकल परिवार के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
इस सम्मानजनक अवसर पर हम सभी हर्ष, कृतज्ञता और आत्मिक संतोष का अनुभव कर रहे हैं।
धन्यवाद,
कांतिभाई के. पटेल
अध्यक्ष,
हरजीवन आश्रम, कडोली
भूमिका
यह संदेश केवल एक व्यक्ति के सम्मान का नहीं, बल्कि विचार, चेतना और मानव-मूल्यों की उस परंपरा का उत्सव है जो समाज को दिशा देती है। जब कोई साधक अपने गहन अध्ययन, सादगीपूर्ण वाणी और सत्य की निरंतर खोज के माध्यम से व्यापक जनमानस तक पहुँचता है, तब उसकी उपलब्धि व्यक्तिगत न रहकर सामाजिक बन जाती है। यही भूमिका इस अभिनंदन को एक प्रेरक सामाजिक संदेश का स्वरूप देती है।
अभिनंदन और गौरव का क्षण
आदरणीय श्री दीपक भाई पांड्या जी को थियोसोफिकल सोसायटी में ‘राष्ट्रीय वक्ता’ (National Lecturer) के रूप में नियुक्त किए जाने पर हार्दिक अभिनंदन। यह नियुक्ति मात्र एक पद नहीं, बल्कि आपके गहन चिंतन, गहरे अध्ययन और सत्य की निरंतर खोज के प्रति आपकी निष्ठा का सम्मान है।
आपकी वाणी के माध्यम से प्रकृति के सूक्ष्म रहस्यों और मानवता की एकता का संदेश जन-जन के हृदय तक पहुँचे—यही समाज की अपेक्षा और कामना है। आपकी वाणी में प्रवाहित सत्य, प्रेम और करुणा की आध्यात्मिक ऊर्जा श्रोताओं के मन में नई चेतना, आशा और सकारात्मक दृष्टि का संचार करती रहे।
थियोसोफी के उदात्त आदर्शों को आप और अधिक गति प्रदान करें तथा इस वैचारिक क्षेत्र में नए शिखरों को स्पर्श करें—यही मंगलकामना है। जहाँ ज्ञान होता है, वहीं प्रकाश होता है; आपकी यह नई यात्रा समाज के लिए प्रकाशमय और प्रेरणादायी सिद्ध हो।
आध्यात्मिकता और तत्त्वज्ञान के प्रति आपका गहन अध्ययन, विद्वत्ता और सत्य-अन्वेषण अब राष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान का प्रकाश फैलाएगा। परम तत्त्व के गूढ़ रहस्यों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करने की आपकी क्षमता अनेक जिज्ञासु आत्माओं के लिए मार्गदर्शक बनेगी।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपकी यह नई दार्शनिक यात्रा तेजस्वी, कल्याणकारी और समाजोपयोगी हो तथा आपको निरंतर ऊर्जा और ज्ञानबल प्राप्त होता रहे।
डॉ. दक्षा जोशी ‘निर्झरा’
अहमदाबाद, गुजरात
सूचना स्रोत

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति



