।। नववर्ष पर खुशहाली की कामना।।
हिन्दू नव वर्ष की मंगल वेला पर,
सब ही को कोटि-कोटि प्रणाम।
तन-मन-धन से सुखी रहें सब,
ईश कृपा से पूर्ण हों सब काम।।
प्रत्येक सवेरा, नई किरणों के साथ,
नई उमंगें और रोज नया जोश हो।
नूतन सेवा, उच्च सफलता के साथ ही,
आपकी हर मनोकामना परितोष हो।।
जीवन रूपी आपकी बगिया के फूल,
यों ही मुस्कराते और खिलखिलाते रहें।
आपको जीवन में प्रेम, स्नेह, सहानुभूति मिले,
और भाग्य के सितारें यों ही टिमटिमाते रहें।।
हमारी भारत भू का दामन सदा,
हरा-भरा और खुशहाल रहे।
सनातन हिन्दू, हिंदी, हिन्दुस्तान का नाम,
विश्व के कोने-कोने में निहाल रहे।।
जाति-पाति के सारे बन्धन तोड़े,
अपनों का अपनों से नाता जोड़े।
नववर्ष की वेला पर सभी संकल्प लें,
भारत भू का श्रृंगारकर,पर्यावरण को शुद्ध करें।।
रचनाकार
कवि मुकेश कुमावत ‘मंगल’
टोंक (राजस्थान)
प्रस्तुति