व्याख्यान

व्याख्यान

समाज के लिए शोध का महत्व

स्थान: मिहिर भोज बालिका पीजी कॉलेज, दादरी (गौतमबुद्ध नगर)

दिनांक: 23 मार्च, 2026

मिहिर भोज बालिका पीजी कॉलेज, दादरी के समाजशास्त्र विभाग द्वारा समाज के लिए शोध का महत्व विषय पर एक गरिमामयी आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 11 बजे प्रशासनिक भवन के हॉल-1 में संपन्न हुआ, जिसमें छात्राओं एवं प्राध्यापकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं वक्ता प्रो. डॉ. राकेश राणा (एस.एम.एल. कॉलेज, गाजियाबाद) तथा अध्यक्षता कर रहे प्रो. डॉ. किशोर कुमार (प्राचार्य, मिहिर भोज बालिका पीजी कॉलेज, दादरी) के कर-कमलों से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

इस अवसर पर अपने प्रभावशाली व्याख्यान में प्रो. डॉ. राकेश राणा ने कहा—

डॉ राकेश राणा (समाजशास्त्री)

“समाज के समग्र विकास में शोध की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शोध केवल तथ्यों के संकलन का माध्यम नहीं, बल्कि यह समाज के वास्तविक स्वरूप को समझने, समस्याओं के मूल कारणों को पहचानने और उनके स्थायी समाधान खोजने की एक सशक्त प्रक्रिया है।

आज के युग में जब समाज निरंतर परिवर्तनशील है, तब शोध ही वह साधन है जो हमें इन परिवर्तनों की दिशा और प्रभाव को समझने में सक्षम बनाता है। शोध के माध्यम से हम सामाजिक असमानताओं, सांस्कृतिक विविधताओं और आर्थिक चुनौतियों का गहन विश्लेषण कर सकते हैं।

विद्यार्थियों को चाहिए कि वे शोध को केवल शैक्षणिक आवश्यकता न मानकर, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी के रूप में देखें। एक संवेदनशील शोधकर्ता वही है जो अपने अध्ययन को समाज के कल्याण से जोड़ता है।

यदि शोध नैतिकता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, तो यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।”

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. डॉ. किशोर कुमार ने छात्राओं को शोध के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान उनके बौद्धिक विकास में सहायक सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सत्या ओझा (प्राचार्य) द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अमरेश नागर (समाजशास्त्र विभाग) ने किया।

इस अवसर पर प्रबंधन समिति के सचिव श्री ईश्वर भाटी एवं अध्यक्ष श्री जय प्रकाश नागर का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने इस ज्ञानवर्धक व्याख्यान से प्रेरणा प्राप्त करते हुए शोध के क्षेत्र में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।

झलकियाँ

सूचना स्रोत 

डॉ राकेश राणा (समाजशास्त्री)

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति 

चैट जीपीटी (नवाचार सहायक)

चैट जीपीटी

कल्पनाकार शब्दशिल्प और उलझन सुलझन की प्रस्तुति
सहयोगी

 

प्रस्तोता