श्योराज जी की कलमकारी
कल्पनाकार शब्दशिल्प और उलझन सुलझन की प्रस्तुति

श्योराज जी की कलमकारी

महाशिवरात्रि पर विशेष

बाल गीत

।।भोले बाबा।।

छोटे से भोले हैं आये

सजा जटा में गंगा लाये।

 

तन पर प्यारी भस्म रमी है

भूतों की यह भीड़ जमी है।

नाग गले में लिपटा न्यारा

चन्द्र जटा में चमके प्यारा।

देख जिसे जन जन हर्षाये

छोटे से भोले हैं आये।

 

जिनके तन पर मृग छाला है

महादेव ये मतवाला है।

नंदी की जो करें सवारी

जाती जिनपे दुनिया वारी।

भांग धतूरा जिनको भाये

छोटे से भोले हैं आये।

 

गौरां भी छोटी सी आई

खुशियों की झोली भर लाई।

दोनों की जोड़ी है प्यारी

सबसे ही दीखती है न्यारी।

छोटे छोटे देव पधारें

लगा रहे शिव के जयकारें।

वर पाये जो इनको ध्याये

छोटे से भोले हैं आये।

 

शिव बाबा भोले भंडारी

दुविधा दूर करे है सारी।

आओ मिलकर दर्शन करलें

खुशियों से झोली को भरलें।

सारे मिलकर नाचें गाये

छोटे से भोले हैं आये।

कृपाण घनक्षरी

छोड़ो नफरती शोले, जहर दिलों का धो लें,

बोलें शिव शिव भोले, भला सभी का विचार।

 

उसने शिव को पाया, जिसने शिव शिव ध्याया,

सुख उस घर आया, नाच रहे नर नार।

 

काल भी जिससे हारा, जिसका रूप है न्यारा,

सबका रहा सहारा, शक्ति ये अपरम्पार।

 

भूतनाथ कहलाते, ये भांग धतूरा खाते,

भस्म रमा कर आते, पूजे सकल संसार।

रचनाकार

श्योराज बम्बेरवाल ‘सेवक’

मालपुरा

प्रस्तुति

कल्पनाकार शब्दशिल्प और उलझन सुलझन की प्रस्तुति
सहयोगी