सृजनाभिनंदनं तीन

सृजनाभिनंदनं तीन

 सृजनाभिनंदनम् तृतीय के अलंकरण उत्सव में चर्चित पुस्तकों का विमोचन

देश के वरिष्ठ साहित्यकारों की रही उपस्थिति, काव्य पाठ एवं सम्मान अर्पण समारोह भी

नई दिल्ली। सृजनाभिनंदनम् तृतीय के अलंकरण उत्सव में कई चर्चित पुस्तकों विशेषत: ‘राम का अंतर्द्वंद्व’, समीक्षाएं, कहानी संग्रह, काव्य संकलनों का विमोचन किया गया। साथ ही  काव्य पाठ के उपरांत दिग्गज विभूतियां सम्मानित हुईं।

नई दिल्ली स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान के सभागार में वाङ्गमय कला संगम, इन्द्रप्रस्थ लिटरेचर फेस्टिवल, “ब्रजेद्र कुमार श्रीवास्तव स्मृति न्यास”,”डैफोडिल्स एडुकेशनल सोसाइटी फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर टेक्नोलॉजी (रजि॰)” के तत्वाधान में सृजनाभिनंदनम् तृतीय  अलंकरण उत्सव का आयोजन किया गया। गंधर्व महाविद्यालय के बच्चों द्वारा स्वागत प्रस्तुति उपरांत अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया।

जिसकी अध्यक्षता वीरेंद्र मन्सोतरा ने की। मुख्य आतिथ्य क्रमशः डॉ संजीव पटजोशी आई पी एस, प्रोफेसर सुधा उपाध्याय दिल्ली विश्वविद्यालय, डॉ.दीपक पांडेय :सहायक निदेशक- केंद्रीय हिंदी निदेशालय  डॉ.हरि सिंह पाल – महामंत्री: नागरी लिपि परिषद् एवं आकाशवाणी के पूर्व अधिकारी, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ राजेश शर्मा: दिल्ली विश्वविद्यालय,श्री धीरज सार्थक: वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्मकार, प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ घमंडीलाल अग्रवाल आदि का रहा। संचालन डॉ चंद्रमणि ब्रह्मदत्त का रहा। कार्यक्रम के संयोजन में डॉ विनय कुमार सिंघल, डॉ राकेश छोकर , डॉ वीणा शंकर शर्मा, रेखा, अंजू कालरा दासन, अश्वनी दासन आदि की महती भूमिका रहीं।

सूचना स्रोत

श्री राकेश छोकर जी

कल दिनांक 16.3.25 को गांधी शांति प्रतिष्ठान, आईटीओ दिल्ली के सभागार में सृजनाभिनन्दनम का तृतीय कार्यक्रम श्री विनय कुमार सिंघल, डा.राकेश छोकर, श्रीमति वीणा शंकर शर्मा, श्रीमति अंजू दासन आदि के सौजन्य से सम्पन्न हुआ, जिसमें एक साझा काव्य संकलन एवं छह अन्य पुस्तकों का विमोचन हुआ। इस साझा काव्य संकलन मे अन्य कवियों के साथ रमन ‘सिसौनवी’ की काव्य रचनाओं को भी सम्मिलित किया गया।

इस अवसर पर अन्य मनीषियो के साथ ही रमन ‘सिसौनवी’ द्वारा भी काव्य पाठ किया गया, जिसे सुधिजनों की भरपूर सराहना प्राप्त हुई।इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री संजीव पटजोशी (आई.पी.एस., डीजीपी, केरल), विशिष्ट अतिथि श्रीमति सुधा उपाध्याय (हिंदी विभागाध्यक्ष, दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ.दीपक पांडेय (सहायक निदेशक, केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार), डॉ.हरी सिंह पाल (महामंत्री, नागरी लिपि परिषद् एवं पूर्व अधिकारी आकाशवाणी, दिल्ली), डॉ.राजेश शर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय), श्री धीरज सार्थक (वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्मकार), प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. घमंडीलाल अग्रवाल, श्री श्याम कालरा, श्री वीरेंद्र कुमार मन्सोतरा, डॉ.विनय कुमार सिंघल, डॉ. राकेश छोकर, डॉ.चंद्रमणि ब्रह्मदत्त, रमनपाल सिंह (पूर्व डीएसपी),श्रीमति वीणाशंकर शर्मा (हिंदी विभागाध्यक्ष, सीसीएस विश्वविद्यालय), श्रीमति अंजू कालरा दासन, श्री अश्वनी दासन, श्री प्रेमराज भाटी, डॉ.ओमप्रकाश प्रजापति, श्रीमति नमिता राकेश, संतोष संप्रति, डॉ लक्ष्मण सिंह देव, ईरानी मूल की नागरिक श्रीमति सारा नानचियान, श्रीमति रेखा, श्री आर. एस. सुंदरम एवं सैंकड़ों अन्य विशिष्टगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का उत्तम संचालन डा.चन्द्रमणि ब्रह्मदत्त द्वारा किया गया।कार्यक्रम में साझा संकलन में शामिल कवियों एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के आयोजकों को इस अविस्मरणीय आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। जयहिंद।

सूचना स्रोत

रमन ‘सिसौनवी’

चित्रशाला

प्रस्तुति