जरूरी क्या, यह जानें!
मानव जीवन में निरंतरता उनके कारण है जो खुले मन से आदेशों/निर्देशों/संदेशों को यथावत प्रसारित करने की दिशा में प्राणपण से विविध गतिविधियों में डूबकर संकल्पों को अंजाम देते हैं। एक ऐसी ही शख्सियत का दैनंदिन विवरण यहां पर प्रस्तुत किया जा रहा है। ये हैं श्री शिवराज जी कुर्मी। राजस्थान के टोंक जनपद की इस मानव विभूति के द्वारा प्रत्येक प्रतिभाग को एक संकल्प के रूप में लिया जाता है।

२२.०४.२०२६
विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर साहित्य मंच -टोडारायसिंह द्वारा पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय टोडा रायसिंह में स्कूली विद्यार्थियों से पुस्तक दिवस की महत्ता से अवगत कराया गया। पुस्तकें मानव की सच्ची मित्र होती हैं। जो हमें सही राह दिखाती हैं। इस डिजिटल युग में भी किताबों का महत्व कम नहीं हुआ है। कार्यक्रम के दौरान विलुप्त होती पहेलियां पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में शामिल बालिकाओं से पहेलियां पूछ कर सही उत्तर देने वाली छात्राओं को पेन देकर पुरस्कृत किया गया। पहेलियां बच्चों की मानसिकता को प्रभावित करती है। बच्चों में सोचने समझने की क्षमता का विकास होता है। श्री पारस चन्द जैन, शिक्षाविद् एवं साहित्यकार देवली, टोंक द्वारा संपादित पुस्तक, पहेलियां ही पहेलियां, बच्चों में जिज्ञासा पैदा करेंगी।
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२६.०४.२०२६
श्री दादू पर्यावरण संस्थान टोंक एवं साहित्य मंच -टोडारायसिंह के तत्वावधान में रा उ मा वि टोडा रायसिंह में बेजूबान पक्षियों की भीषण गर्मी में प्यास बुझाने हेतु परिसर में परिण्डें बांधे गए।
साथ ही गौरैया चिड़िया प्रजनन को बढ़ावा देने हेतु जगह जगह घोंसले लटकाएं गये। ताकि चिड़िया इन घोंसलों में अण्डे दे सकें।
वर्तमान परिस्थितियों में गौरैया चिड़िया विलुप्त होती जा रही है। जबकि यह चिड़िया किसान की हितैषी है।
सभी विद्यार्थियों को अपने मकान की छत पर नियमित रूप से एक मुट्ठी दाना एवं पानी का सकोरा रखने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में शाला परिवार के शिक्षक गण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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२७.०४.२०२६
श्री दादू पर्यावरण संस्थान टोंक एवं साहित्य मंच -टोडारायसिंह के तत्वावधान में पीएम श्री रा बालिका उ मा वि -कादेडा जिला अजमेर में भीषण गर्मी में बेजूबान पक्षियों हेतु शाला परिसर में परिण्डें बांधे गए। साहित्य मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने बताया कि बैशाख माह के दौरान हमारे बुजुर्ग सदस्यों द्वारा पक्षियों की प्यास बुझाने हेतु परिण्डें बांधे जाते थे। ताकि पक्षी अपनी प्यास बुझा सके। गौरैया चिड़िया संरक्षण एक पहल अभियान के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में सविता मंत्री, उपप्रधानाचार्य, अशोक कीर, दिनेश मुंदड़ा, रामरतन मीणा, महावीर कुमावत,मदन लाल इन्दोलिया आदि मौजूद रहे।
२८.०४.२०२६
साहित्य मंच -टोडारायसिंह जिला टोंक के तत्वावधान में पीएम श्री रा बालिका उ मा वि कादेड़ा जिला अजमेर में वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद् श्री पारस चन्द जैन, देवली, टोंक द्वारा संपादित पुस्तक, पहेलियां ही पहेलियां, के बारे में बालिकाओं को जानकारी दी गई।
पहेलियों का नाम सुनते ही बालिकाओं में उत्साह का संचार हुआ। शिवराज कुर्मी संयोजक साहित्य मंच -टोडारायसिंह ने बताया कि आज कल के परिवेश में पहेलियां पूछना प्रायः विलुप्त सा हो गया है।
पाठ्यक्रम में भी बहुत कम मात्रा में पहेलियां पढ़ने को मिल पाती हैं। जबकि पहेलियां बच्चों की तार्किक क्षमता का विकास करती है।
मौके पर ही बालिकाओं से पहेलियां पूछ कर सही उत्तर देने वाली छात्राओं को पेन देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सविता मंत्री उपप्रधानाचार्य, अशोक कीर, रामरतन मीणा महावीर प्रसाद आदि का सहयोग मिला।
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२९.०४.२०२६
साहित्य मंच -टोडारायसिंह जिला टोंक के तत्वावधान में पीएम श्री रा बालिका उ मा वि टोडा रायसिंह में जल संरक्षण संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मालाराम जाट, सहायक अभियंता,जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग टोडा रायसिंह रहें।
मुख्य अतिथि महोदय ने अपने उद्बोधन में बताया कि,जल है तो कल है। अर्थात भीषण गर्मी में जल के बिना कोई प्राणी जीवित नहीं रह सकता है। उपस्थित बालिकाओं को जल का महत्व, उपयोगिता एवं बचाव के तरीके बताए गए। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन योजना के बारे में जानकारी दी गई।
शिवराज कुर्मी संयोजक ने जल संरक्षण पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित कर सही उत्तर देने वाली छात्राओं को मौके पर ही पुरस्कार दिया गया।
आशीष विजयवर्गीय, अध्यक्ष सेवा भारती समिति टोडा रायसिंह द्वारा दैनिक जीवन में जल की महत्ता एवं बचत के तरीके के बारे में अवगत कराया।
अन्त में रामधन चौधरी, शारीरिक शिक्षक ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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०१.०५.२०२६
श्री दादू पर्यावरण संस्थान टोंक एवं साहित्य मंच -टोडारायसिंह के तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय – पीपलू ( टोंक) में बेजुबान पक्षियों के संरक्षण की स्कूली विद्यार्थियों के साथ परिचर्चा की गई।
साहित्य मंच संयोजक शिवराज कुर्मी ने बताया कि बैशाख माह पुण्य कार्य के लिए जाना जाता है। जीव दया के भाव पैदा करने के लिए स्कूली विद्यार्थियों को पक्षियों के लिए थोड़ा दाना – पानी एवं अपनत्व की भावना विकसित कर जागरूक किया।
संस्था प्रधान चौथमल चौधरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हम सबको भी बेजूबान पक्षियों के संरक्षण के लिए हाथ बंटाना चाहिए। शाला परिसर में स्कूली विद्यार्थियों के सहयोग से जगह-जगह परिण्डे बांधे गए।
स्कूली विद्यार्थियों को इन परिण्डों में नियमित पानी भरने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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