पुस्तक समीक्षा
पुस्तक का नाम- जीवन पथ पर
लेखिका-कहानीकार श्रीमती लाडो कटारिया, गुरुग्राम (हरियाणा)
पुस्तक विधा- कहानी संग्रह
कुल कहानियाँ – 15
पुस्तक समर्पण- मेरे आदर्श बाबूजी स्व. श्री रिसाल सिंह जी
भूमिका- राजकुमार निजात, सिरसा ( हरियाणा)
स्वकथन – लाडो कटारिया
भाषा शैली – सहज सरल, अर्थ प्रधान एवं आलंकारिक भाषा से ओतप्रोत
पृष्ठ आवरण – खूबसूरत हराभरा सड़क के दोनों ओर लाडो
कटारिया जी के बढ़ते कदम,,,,,,,,,
लेखिका की विशेष रुचि – पुस्तकें पढ़ना-लिखना, बागवानी में विशेष लगाव, कठिन परिस्थितियों का मुकाबला, समाज में बदलाव लाने का प्रयास, देश-विदेश भ्रमण।
विशेषता-पाती परिवार की वरिष्ठ सक्रिय सदस्य, प्रत्येक प्रतियोगिता में सहभागिता एवं मिलनसारिता।
पुस्तक समीक्षक- शिवराज कुर्मी, संयोजक, साहित्य मंच- टोडारायसिंह जिला टोंक
प्रकाशक- श्वेतांशु प्रकाशन, डी- 14 निकट रामलीला पार्क, पाण्डव नगर, दिल्ली 110092
संस्करण-द्वितीय 2025
आदरणीया वरिष्ठ साहित्यकार, कहानीकार लाडो कटारिया जी, गुरुग्राम ( हरियाणा) ने यह पुस्तक डाक के माध्यम से मुझे सप्रेम भेंट की है। इनका बहुत बहुत आभार एवं साधुवाद।
जीवन पथ पर, कहानी संग्रह पुस्तक में एक से बढ़ एक कहानी मन को छूने वाली हैं। लेखिका भी संवेदनशील है। इनका कहानी लिखने का मुख्य उद्देश्य समाज को जागरूक करना रहा है। इनकी प्रत्येक कहानी संदेश देती प्रतीत होती है। मैंने भी इनकी कहानियों को पढा़ है।
खास बात यह देखी गई कि कहानियों में नारी जीवन के हर पहलू को मजबूत तरीके से उभारा गया है। इनकी पहली कहानी, जीवन पथ पर, में नायिका लाली ने कठिन व जटिल परिस्थितियों का सामना करते हुए अपने लिए एक राह बनायी है। लाली का पति दुर्घटना में मारा जाता है। लाली गरीबी और अभाव में जीती विधवा महिला संघर्षशील है। कहानी में महिला के साहस की बात पाठकों एवं समाज को संदेश देने वाली है।
संवेदनशील कहानीकार की कहानियाँ समय-समय पर पटल पर शेयर की जाएंगी। एक बानगी प्रस्तुत है –
विशेष
कहानी को पृष्ठ संख्या के अनुसार पढ़ें।