श्योराज जी के दोहे

श्योराज जी के दोहे

दोहे

जीवन यह अनमोल है, याद रखो यह बात।

प्रेम करो हर एक से, मत करना प्रतिघात।।

मानव जीवन एक सा, भिन्न मिले पर सार।

कोई धोखा खा रहा, कोई पाता प्यार।।

मुखड़ा जन का देखकर, मत कर लेना प्यार।

धोखा खाये फिर यहाँ, लव मैरिज की धार।।

धोखा देते जो यहाँ, उनकी है भरमार।

सोच समझकर तुम करो, दुनिया से व्यवहार।।

नारी में ममता नहीं, नहीं नरों में प्यार।

इसीलिए तो हो रहा, घात यहाँ पर यार।।

रचनाकार

श्योराज बम्बेरवाल ‘सेवक’

मालपुरा, टोंक (राजस्थान)

प्रस्तुति