वक्ता मंच का कार्यक्रम
(सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था)
दिनांक : 31 मई 202
साहित्य राजनीति के आगे चलने वाली मशाल है”
वक्ता मंच के काव्य महाकुंभ में 151 रचनाकार हुए सम्मानित
रायपुर। प्रदेश की अग्रणी सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था वक्ता मंच द्वारा राजधानी रायपुर के वृंदावन सभागार में भव्य “काव्य महाकुंभ” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित एक सौ इक्यावन रचनाकारों को उनकी सृजनशीलता, रचनाधर्मिता, मूल्य चेतना एवं साहित्यिक योगदान के लिए “शब्द शिखर सम्मान” से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात चिकित्सक एवं साहित्यकार डॉ. गीतेश अमरोहित थे तथा अध्यक्षता डॉ. संयुक्ता गांधी ने की। विशिष्ट अतिथियों में सुशील सन्नी अग्रवाल, राजकुमार धर द्विवेदी, पंडित पी.के. तिवारी, डॉ. रूपेंद्र कवि, डॉ. अजीत मिश्रा एवं वरिष्ठ साहित्यकार सीमा पाण्डेय उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा के लेखक उमेश कुमार श्रीवास की पुस्तकों “पांच आगर एक कोरी” एवं “काव्य प्रत्यूषा” तथा रायपुर के डॉ. लुनेश कुमार वर्मा की पुस्तक “माँ की रोटी” का लोकार्पण भी किया गया।
संस्था के अध्यक्ष राजेश पराते ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि वक्ता मंच पिछले चोंतीस वर्षों से साहित्य साधकों का सम्मान एवं प्रोत्साहन करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि
“आज प्रदेश के गाँव-गाँव तक रचनात्मक गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं और साहित्य समाज को दिशा देने का कार्य कर रहा है।”
अतिथियों ने अपने संबोधन में महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के कथन “साहित्य राजनीति के आगे चलने वाली मशाल है” को उद्धृत करते हुए कहा कि साहित्यकार युग चेतना का वाहक होता है तथा उसे वर्तमान समय की चुनौतियों के प्रति सजग रहते हुए रचनात्मक हस्तक्षेप करना चाहिए। साहित्य मानव जीवन की संवेदनाओं, संघर्षों और आशाओं का सशक्त दस्तावेज है।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन संस्था के संयोजक शुभम साहू ने तथा काव्य गोष्ठी सत्र का संचालन साहित्यकार राजाराम रसिक ने किया। अंत में संस्था की संरक्षिका ज्योति शुक्ला ने आभार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर राजेश पराते, शुभम साहू, विवेक बेहरा, ज्योति शुक्ला, दुष्यंत साहू, परम कुमार, पूर्णेश डडसेना, करण बघेल, आशा साहू, डॉ. गोपा शर्मा, डॉ. इंद्रदेव यदु, पंडित खेमेश्वर पुरी गोस्वामी, देव मानिकपुरी सहित वक्ता मंच परिवार के अनेक सदस्य एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
झलकियाँ


सूचना स्रोत
श्रीमती सीमा पाण्डेय
वरिष्ठ साहित्यकार और
स्थानीय संपादिका
उलझन सुलझन, महिला प्रकोष्ठ
रायपुर (छत्तीसगढ़)
प्रस्तुति

