भाई-बहन
आज राखी का त्योहार है, मन उमंग से भरा हुआ है! भाई- भाभी की कलाई में राखी सजाऊँ ऐसी होती है मन में इच्छा।
भाई-बहन का रिश्ता प्यारा, सुंदर,पवित्र,अनमोल होता है ।संसार में यही एक रिश्ता ऐसा होता है जो स्वयं विधाता ने जन्म के साथ हीं जोड़कर भेजा है।
माँ जाया का नाम सुनकर हीं हृदय प्रफुल्लित हो जाता है , प्रेम उमड़ने लगता है।
भैया तो बहना के लिये वृक्ष की छाँव होता है जो जीवन को हर ताप से बचाता है। राखी के धागों में बँधकर बहना की रक्षा का वचन निभाता है,स्नेह की डोरी से बँधा रिश्ता कंचन सा होता है ।यही एक रिश्ता ऐसा है जो स्वार्थ रहित निश्चछल होता है।दोनों के साथ एक अनकही जिम्मेदारी भी होती है ।
सभी भाई-बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ।
सुलोचना धनावत