श्रीमद्भागवत महापुराणम् का भव्य लोकार्पण समारोह सम्पन्न
वरिष्ठ साहित्यकार कृष्णदत्त शर्मा ‘कृष्ण’ की साहित्यिक साधना का हुआ सम्मान
देहरादून, 11 सितंबर 2026। सनातन धर्म मंदिर, नेहरू कॉलोनी, देहरादून के सभागार में राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में वरिष्ठ साहित्यकार एवं राष्ट्रीय कवि संगम के संरक्षक परम आदरणीय कृष्णदत्त शर्मा ‘कृष्ण’ द्वारा रचित महत्त्वपूर्ण कृति ‘श्रीमद्भागवत महापुराणम्’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य श्री शशिकांत दुबे ने की। समारोह में तुलाज ग्रुप के चेयरमैन श्री सुनील जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विजेन्द्र पाल शर्मा, सहारनपुर को अति विशिष्ट अतिथि तथा वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य असीम शुक्ल, आचार्य डॉ. राम विनय सिंह एवं राष्ट्रीय कवि संगम के प्रान्तीय अध्यक्ष श्री उमेश पटेल कन्नौजिया को सारस्वत अतिथि के रूप में मंचासीन होने का गौरव प्राप्त हुआ।
राष्ट्रीय कवि एवं राष्ट्रीय कवि संगम के क्षेत्रीय महामन्त्री श्री श्रीकांत ‘श्री’ के उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली संचालन ने पूरे समारोह को गरिमामयी गति प्रदान की।
माँ सरस्वती के वंदन से हुआ शुभारम्भ
समारोह का शुभारम्भ मंचासीन अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं नमन-वंदन के साथ हुआ। इसके उपरान्त सुप्रसिद्ध कवयित्री महिमा ‘श्री’ ने अपने सुमधुर कंठ से सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक एवं साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया।
तत्पश्चात सभी मंचासीन अतिथियों द्वारा कृष्णदत्त शर्मा ‘कृष्ण’ की रचना ‘श्रीमद्भागवत महापुराणम्’ का विधिवत लोकार्पण किया गया।
साहित्यिक यात्रा का हुआ परिचय
राष्ट्रीय कवि संगम, देहरादून इकाई के महामन्त्री श्री सतेन्द्र शर्मा ‘तरंग’ ने लेखक कृष्णदत्त शर्मा ‘कृष्ण’ के जीवन एवं साहित्यिक यात्रा से उपस्थित प्रबुद्ध श्रोताओं को परिचित कराया। उन्होंने लेखक की दीर्घ साहित्यिक साधना, रचनात्मक क्षमता तथा भारतीय सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कृष्णा स्मृति साहित्य सम्मान से डॉ. विजेन्द्र पाल शर्मा सम्मानित
समारोह का एक अत्यंत भावुक एवं गरिमापूर्ण अवसर वह रहा, जब लेखक कृष्णदत्त शर्मा ‘कृष्ण’ की धर्मपत्नी स्मृतिशेष श्रीमती कृष्णा जी की स्मृति में प्रतिवर्ष प्रदान किए जाने वाले ‘कृष्णा स्मृति साहित्य सम्मान’ से वर्ष 2026 के लिए सहारनपुर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार डॉ. विजेन्द्र पाल शर्मा को सम्मानित किया गया।
श्री पवन शर्मा ने डॉ. विजेन्द्र पाल शर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनकी साहित्यिक उपलब्धियों से श्रोताओं को अवगत कराया।
सम्मान समारोह के पश्चात डॉ. विजेन्द्र पाल शर्मा ने अपने भावपूर्ण गीत ‘हे पिता मुझको बहुत तुम याद आये’ तथा ‘बेटियाँ चली गईं ससुराल’ प्रस्तुत किए। उनकी मार्मिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
साहित्यकारों ने की रचना और रचनाकार की सराहना
मुख्य अतिथि श्री सुनील जैन, सारस्वत अतिथियों तथा कार्यक्रमाध्यक्ष आचार्य शशिकांत दुबे ने अपने संबोधनों में कृष्णदत्त शर्मा ‘कृष्ण’ की साहित्यिक साधना की भूरि-भूरि प्रशंसा की। वक्ताओं ने विशेष रूप से उनकी त्वरित काव्य लेखन शैली, सृजनात्मक प्रतिभा और ‘श्रीमद्भागवत महापुराणम्’ जैसी महत्त्वपूर्ण कृति के माध्यम से भारतीय ज्ञान, भक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना को जनसामान्य तक पहुँचाने के प्रयास को सराहा।
काव्य प्रस्तुतियों ने बढ़ाई समारोह की गरिमा
समारोह के मध्य कवयित्री डॉ. भारती मिश्रा एवं कवयित्री कविता बिष्ट ने ‘श्रीमद्भागवत महापुराणम्’ के विशेष अंशों पर आधारित काव्यात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। वहीं सहारनपुर से पधारे कवि श्री राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ एवं श्री आदेश शर्मा की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने समारोह को साहित्यिक ऊँचाइयाँ प्रदान कीं।
विभिन्न संस्थाओं ने दी शुभकामनाएँ
इस अवसर पर उद्गार साहित्यिक एवं सामाजिक मंच, देहरादून; विभावरी साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश; राष्ट्रीय कवि संगम सहित विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने लेखक कृष्णदत्त शर्मा ‘कृष्ण’ का माल्यार्पण कर, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया तथा ‘श्रीमद्भागवत महापुराणम्’ के लोकार्पण पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
सामूहिक सहभागिता से सफल हुआ आयोजन
लोकार्पण समारोह के संयोजन में राष्ट्रीय कवि संगम की कवयित्री एवं गढ़वाल मंडल की महामन्त्री मणि अग्रवाल, कवयित्री कविता बिष्ट, सुप्रसिद्ध कवि एवं श्रेष्ठ माहिया रचयिता श्री पवन शर्मा, डॉ. शैलेन्द्र कौशिक (अध्यक्ष), श्री सतेन्द्र शर्मा ‘तरंग’ (सचिव, राष्ट्रीय कवि संगम महानगर देहरादून) तथा युवा कवि श्री दिव्यांश दुष्यन्त का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में कवयित्री मणि अग्रवाल ने मंचासीन अतिथियों एवं सभागार में उपस्थित सभी आमंत्रित साहित्यकारों, कवियों, कवयित्रियों एवं गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में देहरादून, सहारनपुर तथा अन्य क्षेत्रों से आए साहित्यकारों, राष्ट्रीय कवि संगम के सदस्यों, विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, निर्माण विहार देहरादून के निवासियों तथा कृष्णदत्त शर्मा जी के पारिवारिक सदस्यों सहित अनेक साहित्यप्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
के.बी.एस. प्रकाशन द्वारा प्रकाशित कृति
‘श्रीमद्भागवत महापुराणम्’ का प्रकाशन नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित के.बी.एस. प्रकाशन द्वारा किया गया है। यह कृति भारतीय आध्यात्मिक परम्परा, सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक अभिव्यक्ति के समन्वय का एक उल्लेखनीय प्रयास मानी जा रही है।
राष्ट्रीय गान के साथ समारोह का विधिवत समापन हुआ।
रिपोर्ट :
सतेन्द्र शर्मा ‘तरंग’
महामन्त्री, राष्ट्रीय कवि संगम महानगर इकाई, देहरादून
संपादकीय दृष्टि से विशेष टिप्पणी
यह समाचार केवल पुस्तक लोकार्पण का विवरण नहीं है, बल्कि तीन महत्वपूर्ण आयामों को एक साथ प्रस्तुत करता है—
- साहित्यिक साधना का सम्मान
- भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परम्परा का संरक्षण
- साहित्यिक संस्थाओं के सामूहिक सहयोग की शक्ति
उलझन सुलझन परिवार का मत
“जब साहित्य साधना बनता है, तब संस्कृति शब्दों से निकलकर समाज के जीवन में उतरती है।”
झलकियाँ
निमंत्रण पत्र


सृजक एवं सूचना प्रदाता
श्री कृष्णदत्त शर्मा ‘कृष्ण’
प्रस्तुति


