शिक्षा बनाम अराजकता
ऐसा क्यों हो रहा है
शिक्षा बनाम अराजकता का मुद्दा अड़ा है
क्या सच में हम शिक्षित होकर अराजक बन रहे
शिक्षा शिक्षित कर रही या अराजक बना रही
शिक्षा संस्कार दे रही या संस्कार छीन रही
फ़िर क्यों मूल्य गिर रहे
हर तरफ़ अराजकता बढ़ रही
या केवल मेरे मन का भ्रम है
आपको भी ऐसा लगता है
फिर तो यह केवल मेरे मन का भ्रम नहीं
सब को कहते सुना है खूब
संस्कार अब पहले से नहीं रहे
विनम्रता, सदाचार, आज्ञाकारिता भी नहीं
लेकिन क्यों
पहले से तो शिक्षा का स्तर बढ़ा है
विज्ञान, तकनीकी बढ़ी है
विकास बढ़ा है, सोच बढ़ी है
जब सब बढ़े हैं तो
आदर्श, मूल्य, संस्कार क्यों नहीं
ये कैसे पीछे छूट गए
क्या शिक्षा अराजकता बढ़ा रही
अपराध बढ़ा रही
इसका ज़वाब कौन दे
समाज, शिक्षा ?
सुनिता मीना
उपप्राचार्य
सवाई माधोपुर (राज.)
प्रस्तुति

