हर बात शब्दों से कही जाए,

यह ज़रूरी तो नहीं…

 

कुछ भाव संकेतों में भी होते हैं,

बस उन्हें समझने वाली संवेदना चाहिए।

 

शब्दों को तो हर कोई पकड़ता है,

काश! संकेतों को भी समझना सीखे।

रचनाकार

विजया डालमिया