मुशायरा

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आमंत्रण

आदाब/नमस्कार
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दिनांक 27 जुलाई 2025, रविवार, शाम 03 बजे हाजी आदिल चौधरी मार्केट , लिसाड़ी गेट चोपला , मेरठ पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन होने जा रहा है……
अपने कीमती समय में से कुछ समय निकालकर इस काव्य गोष्ठी में तशरीफ़ लाएं और प्रोग्राम की गरिमा में इज़ाफ़ा फरमाएं…
प्रोग्राम की कवरेज के लिए
कृपया अपने प्रतिष्ठित समाचार पत्र के स्थानीय प्रतिनिधि को भेज कर कृतार्थ करें.._🙏🙏❣️💕_
सादर अभिवादन एवं धन्यवाद.._
कन्वीनर :
इरशाद ‘बेताब’
एडवोकेट

विवरण

मुशायरा

बयादे सैयद अतहरुद्दीन अतहर का आयोजन

हमख़याल फाउंडेशन द्वारा 27. जुलाई 2025 हाजी आदिल चौधरी मार्केट , लिसाड़ी गेट चौपला, मेरठ में हाजी आदिल चौधरी साहब की सरपरस्ती और एडवोकेट इरशाद चौहान के संयोजन में हुआ। मुशायरे की अध्यक्षता डॉक्टर इलियास नावेद साहब ने की। मुशायरे का संचालन शायर कारी हसनैन दिलकश ने किया। प्रोग्राम के मुख्य अतिथि विधायक जनाब शाहिद चौधरी साहब रहे जिन्होंने सामाजिक समरता और भाईचारा बनाए रखने और एक दूसरे के साथ मुहब्बत से रहने पर ज़ोर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत जनाब डॉक्टर सज्जाद सैय्यद देहलवी साहब द्वारा शमा रोशन करके की गई ।

अतहरुद्दीन अतहर का तार्रुफ डॉक्टर आसिफ अली ने पढ़ा।

नात ए पाक के बाद

गुफरान राशिद ने कुछ यूं पढ़ा –

मेरे शेरों में उसका बदन ढल गया।

मेरी नजरों ने जिसको छुआ भी नहीं।

नज़्म इस्लाम ने पढ़ की –

अहले दानिश बिक गए

आईन-ए-अकबर गिर गया।

जब से रिश्वत के लिए एक एक मिनिस्टर गिर गया।

हम भी हो जाएंगे दुनिया में कद्दावर देखना।

गर मुक़ाबिल दोस्तों रुपए से डॉलर गिर गया।

इरशाद ‘बेताब’ ने पढ़ा कि –

उसने छोड़ा है मुझे किसी के लिए।

अब बचा क्या मुझपे ज़िंदगी के लिए।।

कलीम समर बदायूंनी ने हास्य पढ़ा –

अंगूर केले सब अनन्नास लाई मां।

ये सोच कर के बेटा मेरा फल ही खाएगा।

बेटे ने जब न खाए तो शौहर से बोली मां।

ये आप पर गया है ये चप्पल ही खाएगा।।

तो श्रोताओं ने बहुत दाद से नवाज़ा।

अंत में अध्यक्षता कर रहे शायर ने पढ़ कर की –

अपने जुमलों में वो पहली सी कसक ले कर आ।

ज़ख्म भरने लगे थोड़ा-सा नमक ले कर आ।

अपनी बेहतरीन शायरी से सभी का दिल मोह लिया। अशोक साहिब, सज्जाद सैय्यद, नजम इस्लाम गुलावठी ने अपनी शेरो-शायरी से उपस्थितजनों का दिल जीता।

मुशायरे के आयोजन में कनवीनर इरशाद ‘बेताब’ ने विशेष भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान शायरों ने प्रेम, समाज और जीवन की जटिलताओं पर आधारित ग़ज़लें पेश कीं।

मुशायरे का आयोजन शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ। आयोजकों ने श्रोताओं और शायरों का धन्यवाद ज्ञापित किया और आगे भी इस तरह के आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया। इस मुशायरे में साहित्य प्रेमियों ने हिस्सा लिया और इसे एक सफल आयोजन के रूप में सराहा।

कार्यक्रम में दीपक शर्मा , सलीम सैफी, हाजी जुल्फी, इमरान खान , सैयद मेराजुद्दीन , रेहानुद्दीन, जीशान खान , अब्दुल कय्यूम एडवोकेट, आदि उपस्थित रहे।

चित्रशाला

प्रस्तुति