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वीडियो चित्र (दिवाकर विधूड़ी का छायाचित्र)

सारांश
वीडियो में गुर्जर महोत्सव 2025 की अपार सफलता का वर्णन महोत्सव के सूत्रधार दिवाकर विधूड़ी द्वारा किया गया है, जिसमें एक जाति के लोगों ने अभूतपूर्व संख्या में भाग लिया। इस महोत्सव में लगभग 27 लाख लोग शामिल हुए, जिनमें से 15 लाख महिलाएं थीं। इसके बावजूद, कुछ पुरुषवादी लोगों ने महिलाओं के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया, जिसके लिए वक्ता ने उन्हें सभ्य और संस्कारित भाषा में आलोचना करने की अपील की। उन्होंने महिलाओं का सम्मान करने और समाज के संस्कारों का पालन करने पर बल दिया।
महोत्सव में हरियाणा स्टाइल और नेशनल स्टाइल की कबड्डी, 34 अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की पेंटिंग प्रदर्शनी, 1400 स्कूली बच्चों की ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिताएं, हवन, और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के स्टॉल्स शामिल थे। इसके अतिरिक्त, भजन मंच, देव स्थान, संवाद मंच, युवा गुर्जर संसद, बुद्धिजीवी मंच, अधिवक्ता वर्ग का सत्र, रागिनी मंच, लोकगीत, कवि सम्मेलन, गुरुकुल के बच्चों के कार्यक्रम, और खानपान की विविधता भी महोत्सव की विशेषताएं थीं।
मुख्य मंच पर जन्म से मृत्यु तक के सांस्कृतिक गीत और कस्टम्स प्रस्तुत किए गए। विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम की योजना और आयोजन लगभग 70 सदस्यों की टीम ने अपने स्वयं के धन से किया। वक्ता ने सभी से इस महोत्सव की सराहना करने और अगर आलोचना करनी हो तो वह भी सभ्य और रचनात्मक ढंग से करने का आग्रह किया। उन्होंने जलन और ईर्ष्या की भावना से की गई आलोचना को अनुचित बताया और कलाकारों का मनोबल बढ़ाने पर बल दिया। अंत में, उन्होंने सभी दर्शकों को महोत्सव के विभिन्न पहलुओं का आनंद लेने और केवल सार्थक आलोचना करने की सलाह दी।
मुख्य बिंदु
– 🎉 गुर्जर महोत्सव 2025 में 27 लाख लोगों की अभूतपूर्व उपस्थिति।
– 🙅♂️ महिलाओं के खिलाफ अपशब्दों का विरोध और सम्मान की अपील।
– 🎨 34 अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की पेंटिंग प्रदर्शनी और 1400 बच्चों की प्रतियोगिताएं।
– 🏛️ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के स्टॉल्स और भजन मंच।
– 🗣️ संवाद मंच, युवा गुर्जर संसद और बुद्धिजीवी मंच पर समाज के मुद्दों पर चर्चा।
– 🎶 रागिनी मंच, लोकगीत, कवि सम्मेलन और खानपान की विविधता।
– 👥 70 सदस्यों की टीम द्वारा स्वयं के धन से आयोजन।
महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टियाँ
– 🎉 समाज की एकता और शक्ति: 27 लाख लोगों का एक जगह एकत्रित होना समाज की एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। यह दिखाता है कि किस प्रकार एक जाति अपने सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को साझा करते हुए सामूहिक रूप से आगे बढ़ सकती है।
– 🙅♂️ महिलाओं के सम्मान की आवश्यकता: 15 लाख महिलाओं की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि महिलाओं की भागीदारी समाज के विकास में कितनी महत्वपूर्ण है। महिलाओं के खिलाफ अपशब्दों का विरोध कर यह स्पष्ट किया गया कि सशक्त समाज में महिलाओं का सम्मान अनिवार्य है।
– 🎨 सांस्कृतिक एवं शैक्षिक विकास: पेंटिंग प्रदर्शनी, ड्राइंग और निबंध प्रतियोगिताएं बच्चों को कला और साहित्य में प्रोत्साहित करती हैं, जिससे सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा मिलता है। यह बच्चों के समग्र विकास में सहायक होता है।
– 🏛️ सामाजिक संस्थाओं की भूमिका: दहेज निवारण, शिक्षा विकास, भ्रष्टाचार उन्मूलन जैसी संस्थाएं समाज को जागरूक और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके स्टॉल्स से पता चलता है कि महोत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक सुधार का भी मंच है।
– 🗣️ समाज की समस्याओं पर संवाद: युवा संसद, बुद्धिजीवी मंच और अधिवक्ता वर्ग के सत्र समाज के वर्तमान मुद्दों पर गहन विचार और समाधान खोजने का अवसर प्रदान करते हैं, जो समाज के विकास के लिए आवश्यक है।
– 🎶 लोक कला और सांस्कृतिक विविधता का संरक्षण: रागिनी, लोकगीत और कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रम सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं और आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। यह सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है।
– 👥 स्वयंसेवी प्रयास और समर्पण: 70 सदस्यों की टीम द्वारा इस विशाल आयोजन का स्वयं के संसाधनों से संचालन यह दर्शाता है कि जब समाज के लोग मिलकर काम करते हैं तो वे बड़े स्तर पर भी सफलता हासिल कर सकते हैं। यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
इस प्रकार, गुर्जर महोत्सव 2025 न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव था, बल्कि यह समाज के एकजुट होने, महिलाओं के सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक सुधार, और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक था। वक्ता ने सभी से इस महोत्सव की सराहना करने और सकारात्मक दृष्टिकोण से इसे आगे बढ़ाने की अपील की।
सूचना स्रोत

पाठ्य उत्पत्ति और प्रस्तुति



