मकर संक्रांत पर विशेष
प्रमिला त्रिवेदी

मकर संक्रांत पर विशेष

मकर संक्रांति

आया मकर संक्रांति का त्योहार,
झूमे सारा संसार,
नव उमंग भरने आया
बसंत का संदेश लाया,
आशाओं की किरणों से,
सबके जीवन को जगमगाए,
मध्यम मध्यम आंच पर
तिल जैसे खुद को भुनाकर,
गुड़ जैसे मिठास से,
जीवन में मिठास भरे,
सब में नव प्रभात
नव निर्माण,
नव उमंग की चेतना भर दे,
अपने सपनो को उंची उड़ान दे,
मकर संक्रांति पर आपके घर में आएं खुशियां
पतंग सी उड़ान भरें,
पतंग उसी के हाथ दो जिस पर हो पूरा भरोसा,
गर्माहट तिल की चलिए रिश्तों में भरते हैं।
रूबरु इक दूजे से इसी बहाने होते हैं।
पावक में प्रवाहित करें हर द्वेष दुर्भावना।                              वाणी संयमित और गुड़ सी मीठी रखते हैं।
अपने आचंल से सब के दुख हर लेंगे,
आसमान में ऊंची उड़ान भरते हैं।

रचनाकार

प्रमिला त्रिवेदी