साइंस 🔭, टेक्नोलॉजी और इंटर-डिसिप्लिनरी रिसर्च पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन
एम.एम.एच. कॉलेज, गाज़ियाबाद के भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय विचार संगोष्ठी का आयोजन अकादमिक एवं सामाजिक महत्व के विषय “साइंस, टेक्नोलॉजी और इंटर-डिसिप्लिनरी रिसर्च” पर किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य आयोजक डॉ. मनोज कुमार द्वारा सेमिनार के केंद्रीय विषय के परिचय के साथ हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय सिंह ने संगोष्ठी में उपस्थित सहभागियों, विद्वानों एवं आगंतुकों का स्वागत किया।

भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. सत्येंद्र पाल ने दो दिन तक चलने वाले विभिन्न सत्रों की विस्तृत जानकारी देते हुए सेमिनार के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित नेशनल साइंस लैबोरेटरी, अहमदाबाद, गुजरात से पधारे प्रो. एच. ओ. वत्स ने वर्तमान समय में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व पर अपना संबोधन केंद्रित किया।
यह राष्ट्रीय सेमिनार Defence Research and Development Organisation (डी.आर.डी.ओ.), नई दिल्ली द्वारा वित्तपोषित रहा। देशभर से 165 सहभागियों ने शोध-पत्र प्रस्तुतीकरण हेतु पंजीकरण कराया, जिन्हें अगले दो दिनों तक विभिन्न सत्रों में प्रस्तुत किया जाना है।
उद्घाटन सत्र में मुख्य व्याख्यान चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के रिसर्च हेड प्रो. बीरपाल द्वारा दिया गया। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार साइंस, टेक्नोलॉजी और इंटर-डिसिप्लिनरी रिसर्च अकादमिक संस्थानों में सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। डी.आर.डी.ओ., नई दिल्ली से आए श्री अजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी तकनीक की सदी होगी, और जो राष्ट्र अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे, वही प्रगति करेंगे।
IIT BHU, वाराणसी के प्रो. ए. के. श्रीवास्तव ने Nature जर्नल में प्रकाशित अपने शोध-पत्रों के माध्यम से अनुसंधान के विविध आयामों पर प्रकाश डाला। मेरठ विश्वविद्यालय में भौतिकी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल मलिक ने संगोष्ठी विषय पर सहभागियों का मार्गदर्शन किया।
नेशनल साइंस लैबोरेटरी के सीनियर साइंटिस्ट प्रो. भानु ने विज्ञान के सामाजिक एवं अकादमिक योगदान पर विस्तृत व्याख्यान दिया। वहीं All India Institute of Medical Sciences Gurgaon (एम्स, गुड़गांव) से सहभागिता करने आईं युवा वैज्ञानिक डॉ. सुमन तँवर ने मेडिकल साइंस के संदर्भ में विभिन्न विज्ञानों के महत्वपूर्ण योगदान पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया।
उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. गार्गी, विभागाध्यक्ष, जंतु विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। मंचासीन सभी अतिथियों का स्वागत पुष्प-रोपण भेंट कर किया गया। सेमिनार में प्राप्त शोध-पत्रों के सार को “एब्स्ट्रैक्ट बुकलेट” के रूप में प्रकाशित किया गया, जिसका विमोचन उद्घाटन सत्र के सभी मुख्य अतिथियों ने मंच से किया। प्रश्नोत्तर सत्र अत्यंत संवादात्मक एवं प्रभावशाली रहा।
महाविद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की उपस्थिति से ऑडिटोरियम पूर्णतः भरा रहा। सत्र के समापन पर सेमिनार संयोजक डॉ. मनोज कुमार ने सभी सहभागियों का आभार व्यक्त किया और घोषणा की कि शेष तकनीकी सत्रों का संचालन भौतिकी विभाग में किया जाएगा। तत्पश्चात सभी को भोजन हेतु आमंत्रित किया गया।
अगले तकनीकी सत्रों में लगभग 65 सहभागियों द्वारा शोध-पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतीकरण किए गए। तीन स्थानों पर समानांतर तकनीकी सत्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया।
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