बेजुबानों के हितार्थ

बेजुबानों के हितार्थ

श्री दादू पर्यावरण संस्थान, टोंक एवं साहित्य मंच, टोडारायसिंह के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अरियाली (ब्लॉक टोडारायसिंह) में भीषण गर्मी के मद्देनज़र एक सराहनीय एवं संवेदनशील पहल की गई। इस पहल के अंतर्गत बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में परिण्डे़ (पानी के बर्तन) बांधे गए।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पक्षियों को राहत पहुंचाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों एवं समाज में जीवों के प्रति करुणा, सहानुभूति और पर्यावरण संरक्षण की भावना को जागृत करना भी था। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, टोंक श्री सीता राम साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती गर्मी के कारण पक्षियों के लिए पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में हम सभी का कर्तव्य बनता है कि हम आगे बढ़कर सेवा कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने यह भी बताया कि हमारे पूर्वज और बुजुर्ग इस परंपरा को बड़े प्रेम और जिम्मेदारी से निभाते थे—वे प्रतिदिन इन परिण्डों में पानी भरते थे और साथ ही पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था भी करते थे।

उन्होंने विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस सेवा कार्य को नियमित रूप से जारी रखें और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। इसी क्रम में शाला परिवार को परिण्डों में नियमित रूप से पानी भरने तथा उनकी देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि यह पहल केवल एक दिन तक सीमित न रहकर निरंतर चलती रहे।

इस अवसर पर साहित्य मंच के संयोजक शिवराज कुर्मी, राकेश कुमार सैनी, सत्यनारायण साहू सहित विद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस नेक कार्य में भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण एवं जीव सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

यह कार्यक्रम न केवल एक सामाजिक पहल का उदाहरण बना, बल्कि यह संदेश भी देता है कि छोटे-छोटे प्रयासों से हम प्रकृति और उसके प्राणियों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।

झलकी

सूचना स्रोत

शिवराज जी कुर्मी

प्रस्तुति