साइबर अपराध जागरूकता

साइबर अपराध जागरूकता

दिनांक 19.05.2026, दिन मंगलवार को होली चाइल्ड पब्लिक इण्टर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर के सभागार में ‘‘साइबर अपराध जागरूकता’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि थाना प्रभारी साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर कर्मवीर सिंह, सदस्य, बाल कल्याण समिति डॉ0 राजीव कुमार, कांस्टेबल नरेन्द्र यादव एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
थाना प्रभारी साइबर क्राइम कर्मवीर सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ रहे है मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढते उपयोग के कारण लोगों ऑनलाईन धोखा-धडी, फर्जी कॉल, ओ0टी0पी0 फ्रॉर्ड, बैंकिग ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग आदि समस्याओं का सामना करना पड रहा है और इन्हीं अपराधों से बचाव हेतु प्रत्येक विद्यार्थी और उनके अभिभावकों को साइबर अपराध से सतर्क रहकर जागरूक रहना पडेगा।
कर्मवीर सिंह अनुसार डिजिटल दुनिया की चमक में स्वयं को सुरक्षित रखना एक कला हैं, आज हम इंटरनेट का अत्यधिक प्रयोग कर रहे है, जोकि सभी प्रति अत्यन्त चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इस चुनौतीपूर्ण माहौल में स्वयं को जागरूक रखना और सुरक्षित रखना भी एक कला है। रियल वर्ल्ड और वर्चुअल वर्ल्ड में बहुत अन्तर है। यदि आपके अन्दर जरा सी भी हिचकिचाहट है तो आपको वास्तविक पटल पर चमकने के लिए बिन्दास होकर बोलना होगा।
साइबर क्राइम से बचने के लिए विधि द्वारा नियम बनाये गये है, नियम विधि के विरूद्ध अगर आप कार्य करते है, तो आप एक बहुत बडा गुनाह करते है।
साइबर क्राइम होने के कई कारण है जैसे- लालच करना, लापरवाही करना, भय के कारण या अज्ञानतावश, आपको इतना याद रखना है जब कोई अपना पर्सनल डाटा अपलोड करते है तो निगेटिव और पोजिटिव दोनों विचारों से मूल्यांकन करना चाहिए। आजकल सोशल मीडिया के द्वारा भी उपहार देकर, लालच देकर हम सभी के साथ फ्रॉड किया जा रहा है। आपके डिवाइस पर ए0पी0के0 फाइल होती है जिससे आपकी पर्सनल चीजे ये सभी किसी दूसरे के पास पहुँच जाती है, जिसकी वजह से आप परेशानी में पड सकते है। अतः आपको पग-पग पर सुरक्षित रहना होगा, आपको किसी का भी इस डिजिटल दुनिया में विश्वास नहीं करना है और डिजिटल दुनिया की सुविधाओं का लाभ उठाते हुए अपने इलैक्ट्रोनिक डिवाइस को सुरक्षित रखना है और किसी से इसे शेयर नहीं करना है, उनके अनुसार हमें सभी बाते अपने पेरेन्टस और अपने गुरूजनों को बतानी चाहिए क्योंकि वे हमारे सुरक्षाकवच है। अपने अभिभावकों को बताये कि अपने वाट्सअप या मोबाइल डिवाइस में टू फैक्टर ऑथन्टिकेशन प्रयोग करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाईन गेमिंग, फेक लिंक, साइबर बुलिंग और डिजिटल धोखाधडी से बचने के उपाय के साथ-साथ बताया कि किसी भी साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्प लाईन नं0-1930 तथा साइबर पोर्टल पर की जा सकती है।
डॉ0 राजीव कुमार ने बताया कि साइबर क्राइम एवं साइबर फ्रॉड से बचने के लिए हमें सावधानिया अपनानी होगी जैसे – यूपी कॉप ऐप को डाउनलोड करें, सी0ई0आई0आर0 में अपना डेटा फीड करें या किसी परेशानी के होने पर इमरजेन्सी कॉल नं0-112, 1090, 1076 इस पर आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है, लेकिन आपके पास में प्रामाणिक शिकायत होनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए बताया कि वाट्सअप एवं फेसबुक वीडियों कॉल मोबाइल में सेव किये हुए एवं परिचित व्यक्तियों के ही कॉल उठायें वो भी अतिआवश्यक होने पर, अन्यथा वीडियों से ज्यादा से ज्यादा बचें।
प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने कहा जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है और विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प दिलवाया।
अंत में सभी अतिथियों का विद्यालय की ओर स्मृति चिह्न देकर आभार व्यक्त किया गया।

झलकियाँ

सूचना स्रोत

श्री प्रवेंद्र दहिया जी

प्रस्तुति

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