अनूठी टेलेंट सर्च यात्रा

अनूठी टेलेंट सर्च यात्रा

आइए! चलते हैं एक टेलेंट सर्च यात्रा पर।

यह यात्रा है मेरे भांजे के गुरुकुल कुरुक्षेत्र में सैनिक स्कूल में चयन की।

अब से तीन वर्ष पूर्व जब मेरा भांजा कक्षा तीन की परीक्षा दे रहा था तो उसके पिता, जो उत्तराखंड पुलिस में हैं, की ऋषिकेश में पोस्टिंग थी तो हमने सोचा कि इसे सैनिक स्कूल की तैयारी कराते हैं परंतु ऋषिकेश में ऐसा कोई कोचिंग इंस्टीट्यूट उपलब्ध नहीं था। ऐसे में यह निर्णय करना बहुत मुश्किल था तो उसके माता-पिता ने इसकी तैयारी के लिए रुड़की में रहने का निश्चय किया तथा बालक के पिता की पोस्टिंग ऋषिकेश में ही रही। ज्ञात हुआ कि रुड़की में पंवार डिफेंस एकादमी  सबसे अच्छी कोचिंग है। वहां पर उसने तैयारी शुरू की, तैयारी भी अच्छी चल रही थी, परंतु दुर्भाग्यवश तभी उसकी आंखें कमजोर हो जाने के कारण यह लगभग क्लियर हो गया कि अभी वह सैनिक स्कूल में या आर्मी स्कूल के लिए मेडिकली फिट नहीं है। डेढ़ साल की अथक मेहनत और परिणाम शून्य की ओर जा रहा था। कहते हैं कि  कुदरत बहुत उदार है जब एक रास्ता बंद होता है तो दूसरा रास्ता खुल जाता है। इस बीच पता चला कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र लगभग 1912 से स्थापित एक बहुत बड़ा विद्यालय है। वहां की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बारे में पता चला तो समय काफी कम था और वहां का पेपर पैटर्न सब्जेक्टिव था तो फिर मेरे भांजे हिमांक  और पंवार डिफेंस एकादमी के शिक्षकों ने मिलकर मेहनत की तथा अंतिम दो-तीन महीने में मैंने भी अपने पूरे प्रयास लगाए। इसी तैयारी के क्रम में इसी वर्ष हिमांक की बहन रक्षिता ने भी पंवार डिफेंस एकेडमी में तयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सैनिक स्कूल में क्वालीफाई कर “म्हारी छोरी क्या छोरो से कम है” कहावत को चरितार्थ कर दिखाया। दोनों भाई-बहन ने परिश्रम को सार्थक कर दिखाया और अपने परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन किया।

हाल फिलहाल में जब यह फॉर्म निकला तो सभी को सूचित किया तथा हम भी आशंकित थे क्योंकि गुरुकुल कुरुक्षेत्र में एडमिशन होना अपनेआप में एक बहुत बड़ा विषय होता है। परंतु अभी कुछ दिन पहले फाइनल सिलेक्शन में हिमांक का साठ रैंक के साथ हमने इस एक इसके परिणाम में सफलता प्राप्त की इसके साथ ही ‘सैनिक स्कूल’ में भी क्वालीफाई किया। यहां इस पोस्ट को साझा करने का उद्देश्य यह नहीं है कि हमें अपने किसी जानने वाले या फिर नाते रिश्तेदार की सफलता का बखान करना है। इस पूरी यात्रा में

हिमांक के माता-पिता का त्याग,

पंवार डिफेंस एकेडमी की मेहनत और

बालक की लगन व समर्पण का मिश्रण

ही सफलता है।

यह पोस्ट यहां पर इसलिए साझा की जा रही है कि आपके आस पास अगर कोई बच्चा अभी से तैयारी करना चाहे तो रुड़की में पंवार डिफेंस एकेडमी का मोबाइल नंबर 9720100666 तथा हिमांक के पिता श्री विनीत चौधरी का नंबर 7500844544 या रक्षिता के पिता श्री अमित चौधरी का नंबर 9568222888 यहां पर साझा कर रहा हूं ताकि कोई बच्चा अगर सैनिक स्कूल या आर्मी स्कूल की तैयारी करना चाहता है तो आप इन नंबरों पर संपर्क करें तथा सहारनपुर में अगर किसी को मेरे मार्गदर्शन की आवश्यकता है तो अगले वर्षों के लिए आप संपर्क कर सकते हैं।

समीर पंवार

शिवाजी नगर

सहारनपुर

संपर्क सूत्र -+91 – 9557670754

प्रस्तुति