बच्चों पर कैसी कैसी आफत आती है,
जीवन से खिलवाड़ कर जाती है।
अलग-अलग सरकारें आती हैं,
अलग-अलग किताबें लागू कर जाती हैं।।
बच्चों पर कैसी-कैसी आफत आती है।
बच्चों पर कैसी-कैसी आफत आती है,
कोरोना जैसी महामारी आ जाती है।
दो-दो साल की छुट्टियां कर जाती है,
बच्चों की शिक्षा का नुकसान कर जाती है।।
बच्चों पर कैसी-कैसी …
बच्चों पर कैसी-कैसी आफत आती है,
अतिवृष्टि जैसी समस्याएं आ जाती है।
मौसम विभाग की चेतावनियां बहुत सताती है,
बार-बार जिला कलेक्टर की छुट्टियां हो जाती है।।
बच्चों पर कैसी-कैसी ….
बच्चों पर कैसी-कैसी आफत आती है,
कहीं आगजनी तो,कहीं दुर्घटनाएं हो जाती है।
कहीं प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखाती है,
बच्चों को शिक्षा से वंचित कर जाती है।।
बच्चों पर कैसी-कैसी ….
बच्चों पर कैसी-कैसी आफत आती है,
सरकारें समय पर शिक्षक नहीं लगा पाती है।
शेष शिक्षकों से भिन्न-भिन्न कार्य करवाती है,
बच्चों के कई विषयों की शिक्षा अधूरी रह जाती है।।
बच्चों पर कैसी-कैसी ….
बच्चों पर कैसी-कैसी आफत आती है,
कहीं पर्व उत्सवों पर अधिक छुट्टियां हो जाती है।
ट्यूशन के चक्कर में,खेलों से रूचि हट जाती है,
ऑनलाइन पढ़ने में,बच्चों की आजादी घट जाती है।।
बच्चों पर कैसी-कैसी …
कवि मुकेश कुमावत मंगल
रघुनाथपुरा, खरेडा,
टोंक (राजस्थान)