हिंदी दिवस राष्ट्रीय संगोष्ठी : संभावनाएँ और चुनौतियाँ

हिंदी दिवस राष्ट्रीय संगोष्ठी : संभावनाएँ और चुनौतियाँ

हिंदी दिवस राष्ट्रीय संगोष्ठी संभावनाएँ और चुनौतियाँ दिल्ली विश्वविद्यालय के भगिनी निवेदिता कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार, 23 सितंबर 2025 को एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी…
गौरवान्वित करने वाला मौका

गौरवान्वित करने वाला मौका

भूमिका प्रस्तुत विवरण ग्राम पाठशाला अभियान में संलग्न टीम के एक मजबूत स्तंभ सरीखे स्वयंसेवी डी.एस.पी. लालबहार के द्वारा उन्हीं के शब्दों में प्रस्तुत है और इसी के बाद आगंतुक…
सहयोग

सहयोग

निःशुल्क लाइब्रेरी के लिए दान अभी विगत में भाई श्री गौरव जैनर जी का जन्मदिवस था। इस शुभ अवसर पर उन्होंने ग्वालियर में एक विचार उच्च शिक्षा ग्रुप द्वारा संचालित…
छोटी-सी सीख, बड़ा बदलाव

छोटी-सी सीख, बड़ा बदलाव

छोटी-सी सीख, बड़ा बदलाव मेरा अनुभव जीवन में अक्सर कुछ छोटी-छोटी घटनाएँ हमें ऐसी सीख दे जाती हैं जो हमारे पूरे भविष्य को बदल देती हैं। मेरा एक व्यक्तिगत अनुभव…
श्रद्धांजलि सभा

श्रद्धांजलि सभा

लोकतंत्र को जगमगाने की जिद में जीवन जिया श्री जगदीप छोकर जी ने दिल्ली के तीसहजारी कोर्ट में पुस्तकालय भवन के द्वितीय तल पर स्थित चौ. स्वरूप सिंह विधूड़ी रिक्रिएशन…
दूरदर्शन डायरी का विमोचन

दूरदर्शन डायरी का विमोचन

दूरदर्शन डायरीज़ टेलीविज़न का स्वर्ण युग का विमोचन वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती शीला चमन द्वारा लिखित पुस्तक दूरदर्शन डायरीज़: टेलीविज़न का स्वर्ण युग का विमोचन 15 सितंबर 2025 को नई दिल्ली…
वीडियो का विवरण

वीडियो का विवरण

भूमिका लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि हम सबकी साँसों में बसी एक जिम्मेदारी है। यह उन लोगों का हक है जो वोट डालते हैं, सवाल पूछते हैं और अपने…
हमारा भी ज़माना था

हमारा भी ज़माना था

डॉ. अशोक चौधरी का संबोधन “सम्मानित साथियो, आज मैं आप सबके सामने खड़ा हूँ और दिल से कहना चाहता हूँ—हमारा भी एक ज़माना था… जब हम अपनी ज़िंदगी के आईने…

धमक सफलता की

अमरोहा के सिबोरा गांव के रहने वाले गुर्जर दुष्यंत पंवार की बेटी भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् (ICCR) के माध्यम से गुरुकुल चोटीपुरा की छात्रा नेहा पंवार का शारजाह (यूएई) में…
सुविचार

सुविचार

भूमिका लेखिका के जीवन दृष्टिकोण का यह सरल रूप मानवता को यह समझाने में मदद करेगा कि सफलता केवल बाहरी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि आत्मा की शांति और परम उद्देश्य…