सार छंद

सार छंद

सार छंद आतंकवाद का धर्म नहीं, हमने है ये माना, पहलगाम के हमले को है, सबने ही पहचाना। कट्टरवाद है इसमें हावी, जिसने ले ली जानें हाथ नहीं धर्मों का…
दादा जी

दादा जी

बाल कविता ।। दादा जी।। दादा जी का मोटा डंडा कर देता हम सबको ठंडा। हम छड़ी उसी को कहते हैं जब मार पड़े तो सहते हैं। ऐनक उनको सदा…
पहलगाम

पहलगाम

पहलगाम का जनसंहार कुछ भेज पाक ने हत्यारे लगता भारत को ललकारा। अब पहलगाम में उस कायर ने हिन्दू ही चुन-चुन मारा।   जो गये घूमने सैलानी परिवार सहित हंसते…
कविता

कविता

शर्मसार मानवता पहलगाम की शान्त वादियाँ, शर्मसार मानवता। भून दिया गोली से उनको, आतंकी कायरता।। चीखें गूँजी घाटी में फिर, खेल हुआ यह सारा । कौन कहाँ से आए थे…
शठे शाठ्यं समाचरेत्

शठे शाठ्यं समाचरेत्

"शठे शाठ्यं समाचरेत्" पहलगाम में जिसने मारा भारत माँ के लालों को । उन साॅंपों से पहले कुचलो दूध पिलाने वालों को ।। कब तक नाम धर्म का लेकर मानवता…
पुस्तक लोकार्पण

पुस्तक लोकार्पण

20 अप्रैल, रविवार को मेरठ नगर के प्रतिष्ठित प्यारे लाल शर्मा स्मारक प्रांगण में एक गरिमामयी साहित्यिक आयोजन में, शहर के प्रसिद्ध कवि स्वर्गीय जय प्रकाश शर्मा 'जे. पी.' जी…
काव्य कुंज

काव्य कुंज

साप्ताहिक कार्यशाला मुक्तक हमारे देश के दुश्मन कभी जब वार करते हैं। मिटा देंगें अमन सारा यही वो धार करते हैं। निकालो ढूॅंढ कर उनको उन्ही के साथ मिलकर जो…
नमन मंच

नमन मंच

नमन मंच🙏🙏 दिनांक 22/04/2025 छंद- दोहा `पृथ्वी` पृथ्वी मेरी रहे सदा, पेडों से भरपूर। सब जन पेड लगाइए, बीमारी से दूर।।   पृथ्वी मेरी है भला, स्वर्ण, रजत की खान।…
श्री बाबूलाल नायक जी के दोहे

श्री बाबूलाल नायक जी के दोहे

💐दोहे💐 नित्य भलाई जो करे, कृपा रखे भगवान। उत्तम विचार सादगी, सहज मिले सम्मान।।१।।   शिक्षा से नाता रखे, करे सभी से प्रीत। छुआछूत की भावना, तजे बुराई रीत।।२।।  …
बम्बेरवाल जी की नई कविता

बम्बेरवाल जी की नई कविता

बाल कविता हम बालक है छोटे-छोटे काम हमारे मोटे मोटे। पढ़ने लिखने शाला जाते मिलकर सारे गाना गाते। सुबह सुबह जब सूरज आता सबके मन को है हर्षाता। दिन का…