दिनांक 18 जनवरी 2026, रविवार को हरजीवन आश्रम, थियोसोफिकल सोसायटी, कडोली के तत्वावधान में वस्त्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के जरूरतमंद वर्गों को नए कपड़ों का वितरण कर मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वस्त्र प्रदान करना नहीं था, बल्कि समाज के उन लोगों तक सम्मान और आत्मविश्वास पहुँचाना भी था, जो आर्थिक कारणों से मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित रह जाते हैं। थियोसोफिकल सोसायटी द्वारा यह प्रयास उनके उस दर्शन को साकार करता है, जिसमें मानवता की सेवा को सर्वोच्च धर्म माना गया है।
आश्रम परिसर में सादगीपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस आयोजन के दौरान सेवाभाव से जुड़े सदस्यों और स्वयंसेवकों ने पूरे समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाई। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उनकी आवश्यकता के अनुसार वस्त्र प्रदान किए गए, जिससे उनके चेहरों पर संतोष और मुस्कान स्पष्ट दिखाई दी।
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि थियोसोफिकल सोसायटी केवल आध्यात्मिक और बौद्धिक चिंतन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग पहुँचाना उसकी प्राथमिकता है। ऐसे कार्यक्रम सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और सेवा की भावना को जन-जन तक पहुँचाते हैं।
हरजीवन आश्रम, कडोली द्वारा आयोजित यह वस्त्रदान कार्यक्रम समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण है, जो यह संदेश देता है कि छोटे-छोटे सेवा कार्य भी बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।

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