दयाशंकर जी का काव्य

दयाशंकर जी का काव्य

काँटों से डर जाने वाले,

घावों को क्या जानेंगे।

शब्द उधारी में लेते जो,

भावों को क्या जानेंगे।।

दो कौड़ी में बिकने वाले,

दीप दिखाते सूरज को।

लहरों से भय खाने वाले,

नावों को क्या जानेंगे।।

रचनाकार

…dAyA shArmA