दहेज़ एक सामाजिक अभिशाप है, और इसके उन्मूलन के लिए निरंतर कार्यरत दहेज़ एक अभिशाप निवारण समिति के सभी सम्मानित सदस्यों को हृदय से बहुत-बहुत आभार एवं साधुवाद।
आज सामुदायिक केंद्र, सेक्टर-39, नोएडा में दहेज़ एक अभिशाप निवारण समिति द्वारा आयोजित पंचम वार्षिकोत्सव के अवसर पर उन नवविवाहित युगलों का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया, जिन्होंने बिना दहेज़ के विवाह कर समाज के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। यह पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज को सही दिशा में ले जाने वाला एक सशक्त संदेश भी है।
इस गरिमामय आयोजन की मुख्य अतिथि श्रीमती सुनीता बैंसला जी रहीं। कार्यक्रम में समाज की व्यापक भागीदारी यह दर्शाती है कि अब हमारा गुर्जर समाज सकारात्मक परिवर्तन की ओर अग्रसर हो रहा है। इसका सबसे बड़ा श्रेय हमारी युवा पीढ़ी को जाता है, जिन्होंने साहस और समझदारी के साथ दहेज़ जैसी कुप्रथा को नकारा। साथ ही, उन परिवारों का सम्मान करना भी अत्यंत आवश्यक है जिन्होंने सामाजिक दबाव से ऊपर उठकर यह साहसिक निर्णय लिया — वे सभी निश्चित रूप से बधाई के पात्र हैं।
ऐसे प्रयास समाज में यह स्पष्ट संदेश देते हैं कि विवाह में दहेज़ लेना और देना दोनों ही घृणित अपराध हैं। हमें अपने युवाओं को शिक्षित, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना होगा, ताकि उनके वैवाहिक जीवन में किसी भी प्रकार की सामाजिक या आर्थिक बाधा न आए और पूरा गुर्जर समाज एक सशक्त, जागरूक और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े।
इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, आयोजकों और सहभागी साथियों को पुनः हार्दिक अभिनंदन एवं अभिवादन।
झलकियाँ



सूचना स्रोत
डॉ. रोशन लाल छोकर
चेतना मंच/सामाजिक चिंतक एवं शिक्षाविद्/गुर्जर समाज
पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति

