🇮🇳🌺एकता दोहावली 🌺 🇮🇳
हिन्दू-मुस्लिम एकता, स्वतंत्रता पहचान।
भारत की रक्षा करी, देकर अपनी जान।।१।।
जन-जन में सद्भावना, भाईचारा मान।
इक दूजे के पर्व को, देय सभी सम्मान।।२।।
गंगा-जमना-सरस्वती, पावन है तहज़ीब।
कंधे से कंधा मिले, रहै सदैव क़रीब।।३।।
आपस में सम्मान दे, धर्म-कर्म हो पाक।
मंसूबे सब नेक हों, बने एकता धाक।।४।।
विश्व पटल पर एकता, बढ़े वीरता मान।
बना रहे विश्वास ही, नायक वीर जवान।।५।।
प्रेम भरी पिचकारियाँ, बरसाएं बहुरंग।
हर दिल, दिल को जीत ले, होगी ना हुड़दंग।।६।।
रक्त बना नाता यहाँ, इक दूजे के साथ।
जन्म धरा पर ही लिया, भारत ऊँचा माथ।।७।।
बहकावे में ना बढ़ो, सोचो-समझो बात।
सत्य राह खोजो चलो, मिलकर रहना साथ।।८।।
‘नायक’ बाबूलाल नायक
टोंक