गणतंत्र दिवस पर रमन जी की विशेष कविता

गणतंत्र दिवस पर रमन जी की विशेष कविता

भूमिका

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाने का कारण यह है कि इस दिन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था। यह दिन भारत के एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के परिवर्तन का प्रतीक है। भारत ने 15 अगस्त 1947 को पाकिस्तान के साथ विभाजन के बाद स्वतंत्रता प्राप्त की थी।

अपेक्षा

सम्मानित मित्रो! छिहत्तरवें गणतंत्र दिवस की आप सभी भारतवंशियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

आइए! इस अवसर पर हम संकल्प लें कि भारत को विकसित राष्ट्र बनायेंगे और विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए क्या करना होगा कुछ विचार आए हैं जो आप सभी को काव्य रूप में समर्पित हैं। जय हिंद-रमन

कविता

सरकारें भारत को तब ही विकसित कर पाएंगी।

नागरिकों की जब इसमें भागीदारी हो जाएगी।।

सरकारें भारत को————

सत्ता व उद्यमिता साथ मिलकर कदम बढ़ाएंगी।

कारखानों व खेतों की उत्पादकता बढ़ जाएगी।।

विद्युत, जल की बचत करें बर्बादी रुक जाएगी।

उत्पादन कम हो चाहे पर कमी नहीं हो पाएगी।।

सरकारें भारत को————

सब अपने, चीजें अपनी, जब ये भावना आएगी।

दंगे और फसाद न होंगे, तोड़फोड़ रुक जाएगी।।

सर्वोपरि है राष्ट्र हमारा, बात ये दिल में आएगी।

समस्याएं जो आएंगी वे समाधान बन जाएंगी।।

सरकारें भारत को————

दंडित होंगे भ्रष्टाचारी कर्तव्यनिष्ठा बढ़ जाएगी।

कर्तव्य निभायें तब ही तो पूरी मांग हो पाएंगी।।

होगी नियंत्रित जनसंख्या प्रगति देश में आएगी।

सुदृढ होगा देश मेरा जनता सैनिक बन जाएगी।।

सरकारें भारत को———–

रचनाकार

रमन ‘सिसौनवी’

प्रस्तुति