गौरैया संरक्षण

गौरैया संरक्षण

साहित्य मंच – टोडारायसिंह जिला टोंक के तत्वावधान में गांधी बाल विद्या मंदिर माध्यमिक स्कूल – बनेठा में, गौरैया संरक्षण, एक पहल अभियान अन्तर्गत स्कूली विद्यार्थियों को शिवराज कुर्मी संयोजक साहित्य मंच -टोडारायसिंह द्वारा विलुप्त हो रही गौरैया चिड़िया के रहन-सहन, खान-पान, स्वभाव, आपसी प्रेम भावना, किसान हितैषी, आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

गौरैया चिड़िया हमारे आंगन की शोभा है। प्रातः काल इसकी चहचहाहट परिवार के लिए सुखद एवं सुकन भरी होती है। लेकिन मोबाइल टावर की घातक किरणें इस गौरैया के गर्भ को समय पूर्व नष्ट कर देती है।

इसके अतिरिक्त जहरीला धुआं, गैस, रासायनिक खाद एवं दवा भी इस गौरैया को समाप्त कर रही है।

इसको बचाने हेतु स्कूली विद्यार्थियों से अपने मकान की छत पर प्रतिदिन एक मुठ्ठी दाना एवं पानी का सकौरा भर कर रखने के लिए प्रेरित किया गया। ताकि गौरैया चिड़िया के साथ साथ अन्य पक्षियों का संरक्षण किया जा सके।

गौरैया चिड़िया की वृद्धि हेतु मकान में कागज के डिब्बे या मिट्टी के घौंसले बांध कर इनके प्रजनन को बढ़ावा दिया जा सकता है। बच्चों को गौरैया चिड़िया के पोस्टर दिखाकर ऐसे चित्र बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

बच्चों को विलुप्त पत्र विधा के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही अपने रिश्तेदारों को समय-समय पर पत्र लेखन हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में शाला परिवार के शिक्षकगण मौजूद रहे।

झलकियाँ

सूचना स्रोत

शिवराज जी कुर्मी

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति