गुर्जर परंपरा लेखन

गुर्जर परंपरा लेखन

भूमिका

साथियो! समाज एक अद्वितीय कार्यशाला है जिसकी विविध गतिविधियाँ हमको समझने में और जीवन की रूपरेखा तैयार करने में सहायक होती हैं। एक ऐसे ही अद्वितीय कार्यक्रम की फाइनल रूपरेखा देखिए। निश्चय ही प्रभावित करेगी। इसका विस्तृत विवरण भी पाठकों के लिए प्रस्तुत करने का हमारा भरसक प्रयास रहेगा।

सादर निमंत्रण

हमारे पुरखे न्यास के तत्वाधान में गुर्जर परंपरा लेखन समिति द्वारा सपरिवार होली मिलन कार्यक्रम में आप सादर आमंत्रित हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा निम्नवत है –

10:00 AM = पगड़ी बंधवाई

10:10 AM = अल्पाहार

10:50 AM= स्वागत वक्तव्य, विषय परिचय एवं अतिथियों का सम्मान

11:00 AM= श्रीमान डा. योगेंद्र सिंह जी न्यासी, हमारे पुरखे न्यास एवं संरक्षक, गुर्जर परंपरा लेखन समिति का उद्बोधन

11:10 AM = गुर्जर समाज के गौरवशाली इतिहास पर वक्तव्य डॉ० सुशील भाटी द्वारा इतिहासकार, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड

11:20 AM= गुर्जर परंपराओं पर डॉ० तन्वी भाटी समाजशास्त्री, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय का वक्तव्य

11:30 AM= मुख्य अतिथि प्रोफेसर रमेश चंद जी, सदस्य, नीति आयोग, का वक्तव्य

11:40 AM= विशिष्ट अतिथि श्रीमान राजीव रावल जी (आईपीएस) का उदबोधन

11:50 AM= विशिष्ट अतिथि श्रीमती सुनीता बैंसला जी (आईआररस) का व्यक्तव्य

12:00 Noon= भारत के विभिन्न प्रांतों से पधारे प्रमुख कार्यकर्ताओं एवं अतिथियों के वक्तव्य

डॉ० जावेद राही, श्री असद चौहान, प्रो० सैफ अली चौधरी, श्री सरफराज चौधरी, श्री अशोक चौधरी एवं कुछ अन्य विशिष्ट अतिथिगण

12:30 PM: विशिष्ट अतिथि श्रीमान सूर्यप्रकाश टोंक जी का बौद्धिक

12:40 PM= विशिष्ट अतिथि श्री श्रीकृष्ण जी का व्याख्यान

12:50 PM= कार्यक्रम अध्यक्ष प्रोफेसर डा. मुश्ताक कादरी जी का वक्तव्य

1:00 PM= समापन एवं धन्यवाद प्रस्ताव

1:10 PM= पुष्पों की होली

1:20 PM = भोजन

दिनांक: 06 अप्रैल 2025

स्थान: कन्वेंशन सेंटर, जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय, दिल्ली

https://maps.app.goo.gl/bYeBSPgGvfkH2swGA

आपकी उपस्थिति अपेक्षित है।

धन्यवाद

गुर्जर परंपरा लेखन समिति