G-SEP 2025
उद्यमी एवं पेशेवर गुर्जरों का शिखर सम्मेलन
21 सितम्बर, 2025 को इंडिया हैबिटैट सेंटर, नई दिल्ली में GFI एवं GICCI गुर्जर फोरम के संयुक्त तत्वावधान में Gurjar Summit of Entrepreneurs and Professionals(G-SEP 2025) का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन विशेष रूप से गुर्जर समाज के उद्यमियों, पेशेवरों एवं युवाओं को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, ताकि उन्हें करियर एवं व्यवसाय के क्षेत्र में प्रेरित किया जा सके, उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जा सके तथा आपसी सहयोग को सुदृढ़ किया जा सके।
इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय सांसद श्री चन्दन चौहान जी एवं श्रीमती सुनीता बैसला जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों विशिष्ट अतिथियों ने गुर्जर समाज के समक्ष वर्तमान समय की चुनौतियों, उनके संभावित समाधान तथा युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर अपने सारगर्भित विचार साझा किए। उन्होंने समाज के युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, नवाचार को अपनाने तथा व्यवसाय और कॉर्पोरेट क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आयोजक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन में श्री देवेंद्र खारी जी, श्री विपिन खारी जी, प्रोफेसर रोशनलाल छोकर, श्री मनोज चौधरी जी, श्री अभिषेक वर्मा जी, श्रीमती अहिंसा कसाना जी, श्री लोकेन्द्र डेढ़ा जी, सुश्री तृप्ति भाटी जी, सुश्री छवि भड़ाना जी, श्री रितेश जी सहित अनेक समर्पित कार्यकर्ताओं ने तन, मन, धन और आत्मसमर्पण के भाव से योगदान दिया। उनके सामूहिक प्रयासों से यह सम्मेलन एक मेगा इवेंट के रूप में स्थापित हुआ और अपने उद्देश्य में पूर्णतः सफल रहा।
G-SEP 2025 ने गुर्जर समाज के लिए एक साझा कॉर्पोरेट प्लेटफॉर्म की नींव रखी है, जो आने वाले समय में समाज के युवाओं, उद्यमियों और पेशेवरों को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करेगा। इस सम्मेलन से युवाओं में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सहभागिता की भावना का संचार हुआ है। यह आयोजन न केवल एक प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ, बल्कि गुर्जर समाज को सही दिशा में प्रगति के पथ पर अग्रसर करने वाला एक सशक्त कदम भी बना।
समग्र रूप से, गुर्जर समाज के सभी वर्गों द्वारा G-SEP 2025 को अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और इसे एक सफल एवं दूरदर्शी प्रयास के रूप में स्वीकार किया गया। यह विश्वास किया जा सकता है कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में समाज को और अधिक संगठित, सशक्त एवं प्रगतिशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
झलकियाँ

सूचना स्रोत

पाठ्य उन्नयन और विस्तार व प्रस्तुति




