।।।।। ज्ञान की बातें।।।।
हँसी मजाक में समय गंवाया, अब तो थोड़ा पढ़ लें,
लक्ष्य जो हमने तय किया था, उस पर भी थोड़ा चढ़ लें,
हमें सफलता बिन पढ़े या बिन जगे तो नहीं मिल जाएगी,
सुनें, खोलें किताबें, छोड़ फालतू बातें, नोट्स अपने गढ़ लें।।
यारी, दोस्ती, बेगौरी सब यहीं धरी रह जाएगी,
गुरुजनों से सीखी बातें ही तो आगे का मार्ग दिखायेंगी,
झूठे अहम-वहम को अभी से छोड़ो तुम,
वरना विफलता की काली रातें बहुत तड़पायेंगी।।
विदाई समारोह हर बार, हर कोचिंग स्कूल में आते हैं,
बड़े धूमधाम से हँसी-खुशी से, पुष्प सभी बरसाते हैं,
पर सुनो प्यारे बालकों, असली खुशी तो तब ही होगी,
जब तुम्हारी सफलता पर, तुम्हारे मां – बाप मुस्कराएंगे।।
मुकेश कुमावत ‘मंगल’
टोंक (राजस्थान)