🏵️विधा:-कविता
करें देवी आराधना
माता रानी की नित महिमा हम, शृद्धा भाव से गायेंगे।
पुनीत भावों से कर आरती, जगमग ज्योति जलाएंगे।
आओ मिलकर नवरात्रों में हम, करें देवी आराधना।
तन-मन-धन से सारे, मिलकर करें देवी आराधना।।
नौ दिनों तक चले डांडिया, पूजा हवन कराएंगे।
करें सोलह शृंगार देवी को, नियमित भोग लगाएंगे।
पावन मंत्रोजाप निरंतर,करते माता की साधना।
तन-मन-धन से सारे, मिलकर करें देवी आराधना।।
छोटी-छोटी कन्याओं को, पावन भोजन कराएंगे।
रोली तिलक लगा मस्तक पर, आशीर्वाद हम पाएंगे।
छप्पन भोग लगा उद्यापन, रखते हम सच्ची भावना।
तन-मन-धन से सारे, मिलकर करें देवी आराधना।।
रचनाकार
🏵️💖’नायक’ बाबूलाल नायक❤️🏵️
प्रस्तुति