मर्द को दर्द नहीं होता ? 
माया शर्मा

मर्द को दर्द नहीं होता ? 

मर्द को दर्द नहीं होता? 

झूठ कहते हैं ज़माने वाले

कि मर्द को दर्द नहीं होता।

 

हकीकत में वो भी तो इंसान होता है।

चोट भी लगती है और दर्द भी होता है।

 

यह अलग बात है कि वो अकेले में

आँसू बहा औरतों की तरह सरे-आम नहीं रोता।

 

उसके भी ख्वाब टूटते हैं तो दिल रोता है

पर सबके सामने वह दुःख बयाँ नहीं करता।

 

वो सबके लिये जीता है

पर कोई उसके लिए फ़िक्रमंद नहीं होता।

 

वो तमाम उम्र ख़ुद की तो नहीं

पर औरों की फ़िक्र में जिया करता है।

 

कोई उसकी परवाह करे ना करे वह

सबकी ख्वाइशों को पूरी करता है।

 

पत्थर नहीं वो उसमें भी दिल बसता है

पर वो किसी से शिकवा-शिकायत नहीं करता।

 

वो अपना हाल नहीं बताता किसी को

पर ऐसा नहीं कि वो किसी से मुहब्बत नहीं करता।

सूचना स्रोत 

माया शर्मा

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