कविता
श्री रोशनलाल छोकर

कविता

दर्द देकर नहीं मिलती ऊँचाई

कभी किसी को दर्द देकर,

खुद की राह मत सजाना।

दूसरों के आँसुओं से,

अपनी खुशी मत पाना।

 

दिल दुखाने वालों को,

कभी दुआएँ नहीं मिलतीं,

और जो दूसरों को गिराएँ,

उन्हें ऊँचाइयाँ नहीं मिलतीं।

 

मत करना अहंकार कभी,

अपने अच्छे वक्त का,

क्योंकि वक्त को बदलने में,

जरा भी देर नहीं लगती…!!

रचनाकार

श्री रोशनलाल छोकर

चित्र रचना और प्रस्तुति

चैट जीपीटी (नवाचार सहायक)
प्रस्तुतकर्ता